हरियाणा में बिकती थीं बंगाल की लड़कियां, रैकेट का फंडाफोड़
दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल से लाकर हरियाणा में लड़कियां बेचने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी करने वाले गैंग के कब्जे से दो नाबालिक लड़कियों को मुक्त कराया गया है जो पश्चिम बंगाल से लाकर हरियाणा में बेंची गई थी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने लड़कियों की तस्करी करने में जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है उनके दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन लड़कियों को उन लोगों को दुल्हन खोजने वाले लोगों को 50 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक में बेचा जाता था।
युवतियों को पश्चिम बंगाल से पहले दिल्ली लाया जाता था और फिर उन्हें हरियाणा में ले जाकर बेच दिया जाता था। दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर आरएस यादव ने बताया है कि लड़कियों की तस्करी के आरोप में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके नाम- सैयद अली उर्फ राजू, रामभवन, रीता, अशोक और प्रमोद हैं। राजू गैंग का मास्टर माइंड बताया जा रहा है जो बंगला का रहने वाला है।
मुस्लिम लड़कियों को हिंदू नाम देकर बेचते थे
पुलिस ने बताया है कि पकड़ा गया गैंग बेहद शातिराना तरीके से लड़कियों को बंगाल से दिल्ली लाता था। लड़कियों को 50 साल से ज्यादा के व्यक्ति पहले अपने खेतों में काम कराने के लिए ले आते। ये लड़कियां बेहद गरीब घरों की होती थीं।
यादव ने बताया कि बंगाल से लड़कियां दिल्ली लाने के बाद उन्हें राम भवन के घर में रखा जाता और फिर उन्हें ग्राहक मिलने पर हरियाणा में बेच दिया जाता। पुलिस को अभी रामभवन की पत्नी की तलाश है जो लड़कियों को रखने और बेचने में गैंग का मदद करती थी।
पुलिस ने यह भी बताया कि बंगाल से लाई गई ज्यादातर लड़कियां मुश्लिम समुदाय की होतीं जिन्हें हिंदू नाम देकर हरियाणा में दुल्हन तलाशने वाले लोगों को बेच दिया जाता। पुलिस उन लोगों की भी तलाश में जुटी है जो बेची गई लड़कियों को शादी के कागजात पूरे करवाते थे।
गौरतलब है कि इस पुलिस ने मानव तस्करी के रैकेट का उस समय भंडाफोड़ किया जब हरियाणा में बेची गई एक 24 साल की लड़की वहां से भागने में कामयाब हुई। हरियाणा से भागी लड़की दिल्ली पहुंची और चाणक्यपुरी थाने में पुलिस से पूरी कहानी बताई जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की मफ्तीश कर आरोपियों को गिरफ्तार मानव तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया।
पुलिस के पास पहुंचने वाली ये लड़की पश्चिम बंगाल के दीनाजपुर जिले के रायगंज से अपहरण की गई थी।