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पिता की शादी बनी आफत, बेटे ने किया मामा का कत्ल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 15 Oct 2013 01:56 PM IST
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पिता की दूसरी शादी से घर में पैदा हुए तनाव को खत्म करने के लिए नाबालिग ने सौतेली मां और उसके भाई की हत्या की साजिश रची।
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हत्या के लिए उसने हरियाणा के दो बदमाशों को सुपारी दी। प्रदीप (बदला हुआ नाम) व दोनों बदमाशों ने घर में उसके सौतेले मामा की चाकू से गोदकर व गोली मारकर हत्या कर दी।
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वारदात के समय उसकी सौतेली मां घर में नहीं थी, जिस कारण वह बच गई। स्पेशल सेल ने प्रदीप को पकड़ लिया है जबकि जबकि सुपारी किलर फरार हैं। घटना दिल्ली की है।
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स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि डीडीयू अस्पताल में काम करने वाले माजरा डबास निवासी बलजीत सिंह (38) की आठ अक्तूबर को हत्या कर दी गई थी। बाइक पर आए तीन बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे थे।
सेल में तैनात इंस्पेक्टर ब्रह्मजीत सिंह को 11 अक्तूबर को सूचना मिली थी कि प्रदीप गांव बाकनेर के पास पेमेंट करने आएगा। इसके बाद उन्होंने प्रदीप को पकड़ लिया। प्रदीप ने मनडोरा (सोनीपत) निवासी राकेश और बाकनेर निवासी हिमांशु उर्फ टिडी के साथ बलजीत की हत्या की बात स्वीकार कर ली।
शादी पर बवाल
प्रदीप ने बताया कि उसके पिता की पहली शादी वर्ष 1981 में बलजीत की बहन स्नेहलता से हुई थी। शादी के बाद कोई संतान नहीं होने पर उसके पिता ने दूसरी शादी प्रदीप की मां से कर ली।
इस पर स्नेहलता ने उसके पिता के खिलाफ कोर्ट व डीटीसी ऑफिस में शिकायत कर दी थी, जिससे उसके पिता डिप्रेशन के शिकार हो गए और घर में तनाव रहने लगा।
हत्या की साजिश
पिता को इन हालात से निजात दिलाने के लिए प्रदीप ने स्नेहलता व बलजीत की हत्या की साजिश तीन-चार माह पहले रच दी थी। प्रदीप ने पहले मोनू नामक बदमाश से बात की, मगर सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई।
इसके बाद उसने राकेश और हिमांशु से बात की। प्रदीप ने दोनों को हत्या करने से पहले 53 हजार रुपए एडवांस दिए थे। दोनों बदमाशों ने बलजीत को पकड़ लिया था, जबकि प्रदीप ने चाकू मारा था। इसके बाद राकेश ने बलजीत का गला काट दिया था और हिमांशु ने गोली मार दी थी।