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एक और दरिंदें को दी गई फांसी की सजा

Wed, 16 Apr 2014 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मैनपुरी
ब्यूरो/अमर उजाला, मैनपुरी Updated Wed, 16 Apr 2014 10:35 AM IST
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death penalty for rapest

पांच साल की एक मासूम के साथ तीन साल पहले बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मैनपुरी के उस दरिंदे को कोर्ट ने फांसी की सजा दी है।

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जिला जज बृजेश कुमार ने पांच साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के दोषी संतोष कुमार यादव को फांसी की सजा सुनाई हैं।

सजा के बाद पुलिस ने दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेजा दिया गया।

यह घटना थाना करहल क्षेत्र के एक गांव में 25 अप्रैल 2011 को हुई थी। उस दिन बालिका अपनी मां के साथ गांव में ही एक तिलक समारोह में गई थी।

खेत में ले जाकर की दरिंदगी

death penalty for rapest

बालिका डीजे पर डांस करने के लिए रुक गई थी और उसकी मां घर लौट आई। देर रात तक जब बालिका घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरू की गई।

अगले दिन कुछ लोगों ने बताया कि संतोष कुमार यादव नाम का युवक बालिका को खेतों की ओर ले गया था।

पुलिस ने परिवारीजनों की शिकायत पर आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में उसने बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने की बात स्वीकार की और गांव के बाहर पुआल के नीचे छिपाया गया शव बरामद कराया था।

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पुआल के नीचे छिपाया था शव

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दरिंदगी के बाद बालिका की गला दबाकर हत्या की गई थी।

मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। जिला जज बृजेश कुमार ने पत्रावली पर आए साक्ष्यों, गवाही और प्रमाणों के आधार पर आरोपी संतोष कुमार यादव को बालिका के साथ दुष्कर्म, हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनूप यादव ने बताया कि आरोपी को हत्या के आरोप में फांसी, दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये, साक्ष्य मिटाने के आरोप में पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

जुर्माने की धनराशि में से 30 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। इस मामले में जमानत नहीं होने के कारण संतोष ने जेल में रहकर ही मुकदमा लड़ा।

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