फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   dalit women raped and burned in agra by goons

दलित महिला का रेप कर की हत्या, फिर शव जलाया

Tue, 21 Jul 2015 04:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मलपुरा, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, मलपुरा, आगरा Updated Tue, 21 Jul 2015 04:10 PM IST
विज्ञापन
dalit women raped and burned in agra by goons

आगरा जिले में मलपुरा इलाके के ककुआ स्थित ओम गार्डन कॉलोनी में महिला की रेप के बाद हत्या और फिर दाह संस्कार कर दिए जाने की सूचना को पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमे के रूप में दर्ज कर लिया है।

विज्ञापन


इसमें गांव के प्रधान सुखपाल और कॉलोनी मालिक विक्रम समेत सात लोगों को नामजद किया है। इनमें से प्रधान समेत तीन लोग पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिए गए हैं।
विज्ञापन


डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी राजेश डी. मोड़क ने सोमवार को मौका मुआयना किया। पुलिस की एक टीम महिला के पति से पूछताछ के लिए मध्य प्रदेश के सतना जिला रवाना की गई है। उधर, फोरेंसिक टीम ने चिता की राख से कुछ हड्डियां और फर्श पर लगे निशानों से खून बरामद किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पति से लिखवाया कि बीमारी से हुई थी मौत

dalit women raped and burned in agra by goons

पुलिस को फोन पर गांव से सूचना मिली थी। इसी पर थानाध्यक्ष मलपुरा जयकरन सिंह की ओर से केस दर्ज किया गया है। इसमें बताया गया है कि रेप और हत्या के बाद महिला के शव का दाह संस्कार 18 जुलाई को कर दिया गया।

वह ओम गार्डन कॉलोनी के सतना निवासी चौकीदार की पत्नी थी। यह भी आरोप है कि चौकीदार पर दबाव बनाकर मृतका के शव का दाह संस्कार करा दिया गया। ताकि वारदात का कोई साक्ष्य न बचे। इसके बाद ग्राम प्रधान सुखपाल ने चौकीदार से यह भी लिखकर ले लिया कि उसकी पत्नी की मौत बीमारी से हुई है।

उसे डरा धमकाकर उसके गांव वापस भेज दिया गया। डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी राजेश डी. मोड़क ने मौके पर मिली चिता की राख में हड्डियां और फर्श पर नजर आ रहे खून के निशान देखकर इस मामले की जांच पड़ताल के निर्देश दिए। फोरेंसिक टीम ने हड्डियां और खून के निशान साक्ष्य के लिए एकत्रित किए।

तीन दिन तक सड़ती रही थी लाश

dalit women raped and burned in agra by goons

इस मामले में न्यू ओम गार्डन के मालिक विक्रम सिंह, बेटे राजेंद्र उर्फ राजवीर, प्रधान सुखपाल, गांव के पप्पू, हरिओम, मनीष और रमेश के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पुलिस ने मनीष, राजेंद्र और सुखपाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उधर, प्रधान का कहना है कि उसे हत्याकांड की जानकारी नहीं थी। चौकीदार ने बीमारी से अपनी पत्नी की मौत की जानकारी दी थी।

हत्या कैसे हुई, पता नहीं
पुलिस की जांच में अभी तक यह नहीं आया है कि चौकीदार की पत्नी की हत्या कैसे की गई। इसके लिए जांच पड़ताल की जा रही है। उसके पति से पूछताछ हो जाने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि चिता की राख में मिली हड्डियां महिला की ही हैं। फोरेंसिक एक्पर्ट ने इनके आकार के आधार पर यह जानकारी दी है।

पुलिस की चूक पर कोई कार्रवाई नहीं
गांववालों का कहना है कि महिला की लाश तीन दिन तक कोठरी में सड़ती रही। उसे बिल्डर ने रहने के लिए एक कोठरी दे रखी थी। गांव में इसकी चर्चा थी। लेकिन न बीट कांस्टेबल को पता चला और न हलका इंचार्ज को।

यह हाल तब है जबकि पंचायत चुनाव के मद्देनजर बीट कांस्टेबल और हलका इंचार्ज को हर छोटी से छोटी बात पर नजर रखने के निर्देश हैं। इस चूक पर अभी कोई एक्शन भी नहीं लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed