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सावधान! आपका भी बैंक एकाउंट है खतरे में

Fri, 09 May 2014 12:01 PM IST
शाहनवाज चौधरी/अमर उजाला, बुलंदशहर
शाहनवाज चौधरी/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 09 May 2014 12:01 PM IST
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Cyber criminals target your bank account

ऑनलाइन जुर्म का बुलंदशहर ‘हब’ बन गया है। जरायम की दुनिया के स्मार्ट अपराधियों ने महज पांच दिन में 18 बैंक ग्राहकों के एकाउंट में सेंध लगाकर 4.95 लाख रुपये उड़ा दिए।

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जुर्म का शिकार 18 बैंक ग्राहकों ने लीड बैंक अफसर से लिखित शिकायत कर जांच की मांग की है। लीड बैंक ने मान लिया है कि क्षेत्र में साइबर अपराधियों का गैंग सक्रिय है।
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यदि आप बैंक में जमा रकम को सुरक्षित मान रहे हैं तो आपका विश्वास भी टूट सकता है। बैंकों में जमा रकम अब सुरक्षित नहीं रह गई है। दरअसल, साइबर अपराधियों की आपके बैंक एकाउंट पर नजर है। जरा सी लापरवाही आपको मोटा आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकती है।
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बैंक कर्मियों पर भी है शक की सूइ

Cyber criminals target your bank account

साइबर अपराधी जिले में 15 और अलीगढ़ क्षेत्र में पीएनबी के तीन ग्राहकों के बैंक एकाउंट में सेंधमारी कर 4.95 लाख रुपये उड़ा चुके हैं।

जिले में बुलंदशहर समेत दानपुर, अनूपशहर, अमरगढ़, औरंगाबाद के बैंक उपभोक्ता साइबर क्राइम का शिकार हुए हैं।

आईटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक से ग्राहकों की सूची जान ग्राहकों का पता नहीं लगाया जा सकता है।

आशंका है कि बैंकों का कोई कर्मचारी साइबर अपराधियों के लिए काम कर रहा हो। इस पहलू पर भी जांच कराना जरूरी हो गया है।

ऐसे बनाते हैं बैंक उपभोक्ताओं को शिकार

Cyber criminals target your bank account

पंजाब नेशनल बैंक के आईटी ब्रांच के मैनेजर अमित ने बताया कि साइबर अपराधियों ने अब तक डेबिड कार्ड होल्डरों को ही निशाना बनाया है।

अपराधियों ने खुद को बैंक का कर्मचारी बता डेबिट कार्ड होल्डर्स के पास कॉल की और उनको डेबिट कार्ड ब्लॉक होने की सूचना दी।

अनब्लॉक करने की बात कहकर खाताधारक से उसके डेबिट कार्ड का नंबर, डेबिट कार्ड का पिन नंबर और डेबिट कार्ड का सीवीवी नंबर जान लेते हैं।

उन्हें भरोसा देते हैं कि उनका कार्ड जल्द ठीक कर दिया जाएगा। डेबिट कार्ड के तीनों नंबर लेने के बाद खाताधारक के एकाउंट में इंटरनेट की मदद से सेंधमारी की जाती है। अधिकांश साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन शॉपिंग कर वारदात को अंजाम दिया।

साइबर अपराधियों के सामने पुलिस लाचार

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साइबर अपराधियों के सामने सरकारी सिस्टम पूरी तरह लाचार है। जिला पुलिस के पास ऐसा कोई भी सिस्टम या चैनल नहीं है जो उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचा सके।

पुलिस सिर्फ मुकदमा दर्ज कर फाइल को बंद कर देती है। नतीजतन, अपराधियों के हौसले बुलंद रहते हैं।

पीएनबी की ओर से डेबिट कार्ड की जानकारी नहीं ली जा रही है। यदि कोई बैंक की आड़ में ऐसा कर रहा है तो ग्राहक उसको डेबिट कार्ड की जानकारी न दें।

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