सुसाइड नोट पर साइन करा रेता घरवालों का गला
नई दिल्ली के फर्श बाजार इलाके में एक डांस टीचर ने पत्नी, बेटी और बेटे को चाकू से गला रेतने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। मंगलवार तड़के एसएमएस के जरिए टीचर के जीजा को इसकी जानकारी मिली।
इसके बाद चारों लोगों को डॉ. हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने टीचर के आठ वर्षीय बेटे को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से डायरी में लिखा एक नोट मिला, जिसमें परिवार से परेशान होकर यह कदम उठाने का जिक्र किया गया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह को घटना का कारण बता रही है।
पहले दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाई फिर...
पुलिस के मुताबिक 4/283, भोलानाथ नगर निवासी अजय वर्मा (35) योग और डांस का टीचर है। वह पत्नी रितू (30), बेटी वैदिका (9) और बेटे कृष्णा (8) के साथ किराए के मकान में रहता है। वैदिका पास के स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती है, जबकि कृष्णा दूसरी कक्षा का छात्र था।
वहीं अजय की मां राजकुमारी, बहन अंजली व दीप्ति बिहारी कॉलोनी में अलग रहते हैं। दीप्ति पति सतबीर के साथ अलग रहती है। बताया गया है कि सोमवार रात करीब 11: 00 बजे अजय ने रितू, वैदिका व कृष्णा को दूध में नींद की दवा मिलाकर पिला दी।
करीब 12:00 बजे तीनों के अचेत होने के बाद अजय ने चाकू से उनका गला रेत दिया। इसके बाद उसने अपने हाथ की नस काटने के बाद गला रेत लिया।
बेटे की मौत, बाकी की हालत बेहद नाजुक
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने से पहले अजय ने मोबाइल में मंगलवार तड़के 4:00 बजे का टाइम सेट कर जीजा सतबीर को परिवार के साथ जान देने का एसएमएम भेज दिया था। एसएमएस मिलते ही सतबीर अजय के तीसरी मंजिल स्थित अजय के घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। उसे तोड़ा गया। खून से लथपथ पूरा परिवार बेड पर पड़ा था।
पुलिस की मदद से चारों को डॉ. हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया, जहां कृष्णा को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं जीटीबी अस्पताल में अजय, रितू और वैदिका की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। फर्श बाजार थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दिल्ली के पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि मामले की शुरुआती जांच के बाद आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह घटना का कारण लग रहा है। अजय के खिलाफ जहरखुरानी, हत्या के प्रयास, हत्या और आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है।
सुसाइड नोट पर दोनों बच्चों के भी कराए साइन
मैं अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर रहा हूं, इसके लिए मेरे घर वालों के अलावा बाहर के कुछ लोग जिम्मेदार हैं। लेकिन मैंने अपनी मौत के लिए सभी को माफ कर दिया है, इसलिए हमारे मरने के बाद किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए...।
जी हां! वारदात को अंजाम देने से पूर्व अजय ने सुसाइड नोट को अपनी डायरी में कुछ इसी तरह लिखा। सुसाइड नोट के आखिरी में अजय ने अपनी पत्नी और दोनों मासूम बच्चों के साइन भी कराए हुए हैं। फर्श बाजार थाना पुलिस इसके आधार पर उसकी मां, बहन व जीजा से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पड़ोसियों के मुताबिक सोमवार को सब कुछ सामान्य लग रहा था। सुबह के समय अजय अपने पूरे परिवार के साथ आनंद विहार के किसी मॉल में घूमने के लिए गया था। बाद शाम को उसकी पत्नी अपने बच्चों को घुमाने ले गए। आखिर रात को ऐसा क्या हुआ कि परिवार ने ऐसा कदम उठा लिया।
आखिर अजय ने क्यों उठाया खौफनाक कदम?
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि अजय अपने जीजा सतबीर को 3-4 दिन से एसएमएस कर कुछ सरप्राइज देने की बात कर रहा था। मंगलवार तड़के जब सतबीर को एसएमएस मिला तो उसमें यह ही लिखा था कि मैने पूरे परिवार के साथ सुसाइड कर लिया है, इसे मजाक मत समझना। पुलिस मान रही है कि पिछले कई दिनों से अजय ने आत्महत्या करने का मन बना लिया था। पारिवारिक सूत्रों की मानें तो कुछ समय पूर्व किसी प्रॉपर्टी को लेकर अजय का अपनी मां और बहनों से झगड़ा हुआ था।
उसके बाद उसने अपनी मां और परिवार से अलग रहना शुरू कर दिया था। जहां तक आर्थिक स्थिति के खराब होने की बात है, पड़ोसियों और पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति खराब नहीं थी। कई जगह ट्यूशन करके उसे अच्छे रुपये मिल जाते थे। वहीं पड़ोसियों और अन्य लोगों ने बताया कि अजय ने वारदात को अंजाम देने से पूर्व सभी लोगों की देनदारियों को पूरा कर दिया था। प्रॉपर्टी विवाद या परिवार से किसी अन्य बात पर झगड़े को इसका कारण माना जा रहा है।