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खूनी मां के खतरनाक खेल की दास्तां

Fri, 26 Sep 2014 12:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिल्सी, बदायूं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिल्सी, बदायूं Updated Fri, 26 Sep 2014 12:48 PM IST
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Six year old girl buried alive allegedly by step mother in Agra - Subhiksha Murder Case Agra

आगरा में मासूम सुभिक्षा को सौतेली मां अर्चना ने पहले मैगी में नींद की गोलियां खिलाई थीं। इसके बाद पश्चिमपुरी की कालरात्रि माता मंदिर के परिसर में गड्ढे में जिंदा गाड़ दिया था। बच्ची का शव जल्दी गल जाए, इसके लिए नमक के दो पैकेट भी डाले थे। बाद में गड्ढे को पत्थर से ढककर उस पर हवन-पूजन किया था।

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मंदिर के पुजारी बुद्ध विलास तिवारी की पहली पत्नी गौरा देवी की छह साल की बेटी सुभिक्षा को दूसरी पत्नी अर्चना ने पूरी प्लानिंग से मारा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अर्चना को पता था कि पति नवरात्र से पहले वृंदावन मुकुट लेने जाएंगे। वह तीन दिन से गड्ढा खोद रही थी।
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बच्ची कोई प्रतिरोध न कर सके, इसके लिए उसे मैगी में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाई थी। उसके दोनों हाथ बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर गड्ढे में दफनाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण दम घुटना आया है। इससे साफ है कि बच्ची को महिला ने जिंदा ही दफन कर दिया था। दफनाने के बाद दुर्गंध न फैले, इसके लिए अर्चना ने गड्ढे के ऊपर तुलसी का पौधा लगाया था और हवन पूजन करती थी। रोज कपूर जलाती थी।
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50 हजार की एफडी बनी ‘काल’

Six year old girl buried alive allegedly by step mother in Agra - Subhiksha Murder Case Agra

पुजारी बुद्ध विलास ने बताया कि उन्होंने कुछ माह पहले सुभिक्षा के नाम पर 50 हजार की धनराशि जमा कराई थी। इसकी भनक लगने पर अर्चना का बर्ताव सुभिक्षा को लेकर बदल गया था। वह उसे रोजाना बहाने बनाकर पीटने लगी थी। वहीं अर्चना को जब अपनी पोल खुलने का डर सताया तो उसने अपने पिता बांदा निवासी रमेश मिश्रा को बुलाकर सुभिक्षा की हत्या करने की बात बता दी थी।

इसके बाद अपने छोटे भाई शिवपूजन को पिता के साथ बांदा रवाना कर दिया था, लेकिन कालोनी के लोग शिवपूजन को पकड़कर मंदिर ले आए थे। उधर, अर्चना के पिता ने फोन करके बताया है कि वह ऐसी बेटी से कोई संबंध नहीं रखेंगे। उसकी पैरवी भी नहीं करेंगे।

मंदिर पर बुझे मन से पूजा-अर्चना

मां कालरात्रि मंदिर में नवरात्र के पहले दिन कालोनी की महिलाएं बुझे मन से पूजा करने पहुंचीं। पुजारी बुद्ध विलास के भाई राजेंद्र तिवारी पूजापाठ करा रहे थे। मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात है। महिलाओं के बीच गुरुवार को भी आरोपी मां की करतूत की चर्चा थी। उनमें भारी गुस्सा है।

सुभिक्षा के गम में ‘यशोदा मां’ बेहाल

Six year old girl buried alive allegedly by step mother in Agra - Subhiksha Murder Case Agra

पश्चिमपुरी में रहने वाली यशोदा मां (संध्या कौशिक) की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सुभिक्षा को वे प्यार से बिट्टू कहती थीं। बिट्टू का जिक्र आते ही फफक पड़ती हैं। कहती हैं कि अर्चना के इरादे की भनक भी होती तो वह बिट्टू को कभी उसके पास नहीं छोड़तीं।

दवा कारोबारी अजय कौशिक की पत्नी संध्या का कहना था कि फूल जैसी बेटी को मारने में उस औरत के हाथ क्यों नहीं कांपे? शनिवार को ही तो वह घर आई थी। बोल रही थी कि मां ने कहा है कि तुझे गांव भेज देंगे, फिर हम तीनों मौज करेंगे। बिट्टू ने ये भी कहा था कि ये बात मां से मत कहना। बिट्टू संध्या को ममा और अजय को पापा कहती थी।

संध्या ने बताया कि वो सौतेली मां के एक साल के बेटे को बहुत प्यार करती थी। उसके लिए जिद करके स्वेटर बनवाया था। उसकी सौतेली मां के बारे में कुछ कहते थे तो रूठ जाती थी। ऐसी बच्ची को भी वो मार सकती है, कभी नहीं सोचा था।

संध्या के दो बेटे हैं, कोई बेटी नहीं थी, बिट्टू ने जैसे इसकी भरपाई कर दी थी। उन्होंने बताया कि हम उसे हर रविवार को घुमाने ले जाते थे। बिन मां की बच्ची बड़ी होकर कुछ बन जाए, इसीलिए उसे अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाया था। कालोनी के बाहर के लोग उसे उनकी बेटी ही समझते थे।

यशोदा मां की दी हुई फ्राक में अंतिम विदाई
संध्या ने अपने आंगन में लगे झूले की तरफ इशारा करके बताया कि बिट्टू जब भी घर आती, इसी झूले पर बैठती थी। उन्होंने बिट्टू के लिए सफेद फ्राक खरीदी थी। पहले वे पीली फ्राक खरीद लाई थीं, लेकिन बिट्टू ने कहा कि उसे व्हाइट ड्रेस ही चाहिए। संध्या ने बिट्टू का शव आने पर फ्राक उसी पर रख दी।

हत्यारोपी सौतेली मां का मुंह काला किया

Six year old girl buried alive allegedly by step mother in Agra - Subhiksha Murder Case Agra

मासूम बेटी की क्रूरतापूर्वक हत्या करने वाली सौतेली मां वृहस्पतिवार को भीड़ के गुस्से का शिकार हुई। कोर्ट में पेशी के बाद महिला वकीलों और अन्य ने उसे घेर लिया। उसके चेहरे पर काली स्याही पोतकर आक्रोश व्यक्त किया। उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग भी की। पुलिस ने उसे किसी तरह भीड़ से बचाकर जेल भेजा।

पश्चिमपुरी में छह वर्षीय सुभिक्षा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई सौतेली मां अर्चना तिवारी को शाम तकरीबन सवा चार बजे सिकंदरा पुलिस की अभिरक्षा में दीवानी ले गया था। उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। यहां से स्पेशल सीजेएम (सीजेएम की गैर मौजूदगी में) कृष्णचंद पांडे ने हत्यारोपी अर्चना को आठ अक्टूबर तक के लिए भेज भेज दिया। बता दें, सुभिक्षा की अच्छी शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था हो जाने पर पहले से ही उसे सताती आ रही अर्चना ने उसे घर के सामने ही गड्ढा खोदकर उसमें जिंदा दफना दिया था। तीन दिन बाद बुधवार को उसकी लाश बरामद कर पुलिस ने अर्चना को गिरफ्तार कर लिया था।

सुनवाई के बाद पुलिस अर्चना को कोर्ट से बाहर लेकर आई तो दीवानी में मौजूद महिला वकीलों और अन्य स्त्री-पुरुषों ने उसे घेर लिया। गुस्से से भरी महिलाओं ने अर्चना को पकड़ लिया। एक ने उसके चेहरे पर स्याही पोत दी। उसे खूब खरीखोटी भी सुनाई। महिलाओं का गुस्सा देखकर पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। बड़ी मुश्किल से उसे बचाकर दीवानी से बाहर लाई। वहां से उसे जिला जेल ले जाया गया। एसओ सिकंदरा ने कहा कि भीड़ ने उसके चेहरे स्याही पोतने की कोशिश की थी।

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