साथ जी नहीं सके तो मरकर निभाया वादा
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मुरादाबाद में वेलेंटाइन डे पर जहां प्रेमी जोड़े जिंदगी साथ बिताने की कसमें खा रहे थे वहीं एक प्रेमी युगल ने खुद को खत्म करने की ठान ली। परिवार और समाज के तानों से आहत इस युगल ने शनिवार की शाम को जहर खा लिया था।
रविवार की तड़के प्रेमी की तो मौत हो गई है जबकि दिल्ली ले जाते समय जोया के पास प्रेमिका ने भी दम तोड़ दिया। दोनों ही केजीके कालेज में बीए के स्टूडेंट थे।
इनका प्यार भी कॉलेज से ही शुरू हुआ था। घर वाले भी जान चुके थे। तभी तीन महीने पहले युवक के परिवार वालों ने जबरन शादी करा दी थी। लेकिन शादी के बाद भी दोनों ने मिलना जुलना नहीं छोड़ा।
पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ था इश्क
पिछले करीब डेढ़ साल से प्रेम की डोर में बंधे इस जोड़े ने कटघर के गांव रुस्तमपुर बढ़मार में आत्मघाती कदम उठाया। दरअसल प्रेमी युवक चौबीस वर्षीय नितिन प्रताप पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह इसी गांव का मूल निवासी है।
हालांकि अब उसका परिवार पिछले कई साल से लाइनपार के मुहल्ला विकास नगर में रह रहा है। नितिन केजीके कालेज में बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। क्लास में साथ पढ़ने वाली बिलारी की एक छात्रा से उसके प्रेम संबंध हो गए थे। पिछले करीब डेढ़ साल से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे।
इनके घर वालों को भी इस प्रेम कहानी की भनक लग गई थी। तभी नितिन के घर वालों ने उसकी शादी नवंबर माह में चंदौसी के गांव पथला मिट्ठनपुर की प्रीति से करा दी थी। बताया जाता है कि इस शादी के लिए नितिन राजी नहीं था। शादी के बाद भी वह अपनी प्रेमिका से मिलता रहा।
वेलेंटाइन डे पर मिलने का था प्लान
चौदह फरवरी वेलेंटाइन डे पर दोनों की बात हुई और तय हुआ कि वह रुस्तमपुर बढ़मार ऊंचा गांव में नितिन के पुस्तैनी घर में मिलेंगे। लड़की भी अपने घर वालों से मार्कशीट लाने को कहकर निकली और रुस्तमपुर पहुंच गई।
यहां शाम के वक्त दोनों ने जहर खा लिया। नितिन ने जहर खाने की जानकारी अपने बड़े भाई अरुण प्रताप को फोन करके दी। जहर खाने की बात से परिवार वाले बेचैन हो गए और तत्काल गांव पहुंचे। दोनों को साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जहां उपचार के दौरान नितिन की मौत हो गई। जबकि लड़की को उसके घर वाले गंभीर हालत में हायर सेंटर ले जा रहे थे लेकिन जोया से निकलते ही उसने भी दम तोड़ दिया।
केस-2: वेलेंटाइन डे पर की प्रेमिका की हत्या
वहीं, फीरोजाबाद के शिकोहाबाद में वैलेंटाइन डे पर प्रेमिका की गला दबाकर हत्या करने वाला युवक थाना नसीरपुर में तैनात दरोगा का पुत्र जगवीर है। मृतक युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश दीं।
शिकोहाबाद के रमेश नगर में फर्रुखाबाद निवास राखी रानी पुत्री लाखन सिंह जाटव की शनिवार की शाम उसके प्रेमी जगवीर सिंह पुत्र छोटेलाल जाटव ने गला दबाकर हत्या कर दी थी।
जगवीर मूलरूप से टेढ़ी बगिया बाईपास थाना एत्माउद्दौला आगरा का निवासी है। हत्याकांड के बाद युवती के पिता और भाई दीपक ने ही जगवीर के बारे में पुलिस को जानकारी दी।
मिलने के लिए कमरे में बुलाया था
फर्रुखाबाद के कलक्ट्रेट में लिपिक पद से रिटायर लाखन सिंह ने बताया कि 19 मई 2012 को राखी रानी ने सहायक अध्यापिका पद पर प्रेम कन्या उमा विद्यालय सिरसागंज में ज्वाइन किया था। डेढ़ वर्ष पूर्व कालेज के एक लिपिक के माध्यम से राखीरानी के लिए जगवीर सिंह से शादी की बातचीत की थी।
बाद में पता चला कि जगवीर के रिश्ते की बात दूसरी जगह चल रही है। तो बात खत्म कर दी। पिता का आरोप है जगवीर ने उनकी पुत्री को अपने प्रेमजाल में फंसाए रखा। पिछले आठ माह से उसने शिकोहाबाद के रमेश नगर में सत्यवती के मकान में एक कमरा किराए पर ले रखा था। वह कमरे पर वह राखी को कभी-कभी बुलाता था।
14 फरवरी को राखी को कमरे पर बुलाया था। जगवीर ने राखी का गला घोंटकर उसकी हत्या करके फरार हो गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
थाना प्रभारी ने कहा कि जगवीर सिरसागंज के गिरधारी इंटर कालेज में अध्यापक था लेकिन धोखाधड़ी के कारण उसे नौकरी से हटा दिया था। जगवीर के पिता छोटेलाल थाना नसीरपुर में उप निरीक्षक के पद पर तैनात हैं।
जगवीर और राखी में पहले झगड़ा हुआ था। इसके बाद हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस जगवीर सिंह को तलाश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राखी की मौत का कारण गला दबाना बताया है।
राखीरानी के पिता लाखन सिंह ने बताया गिरधारी इंटर कालेज के एक लिपिक ने बेटी की शादी के लिए जगवीर को बताया था। कसबा सिरसागंज में लगे एनसीसी कैंप के दौरान जगवीर अपने कालेज तथा बेटी अपने कालेज की ओर से पहुंचे थे। इसी दौरान पहली बार दोनों की मुलाकात हुई थी।
दो माह पूर्व खोया दामाद
लाखन सिंह ने कहा कि दो माह पूर्व ही दामाद बागीश कुमार की कानपुर के समीप ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उस सदमे से भी अभी उबर भी नहीं पाए थे कि एक और सदमा लग गया।