वीजा बचाने के लिए भारतीय ने कराई 17 फर्जी शादियां
भारतीय मूल के एक जोड़े को ऑस्ट्रेलिया में भारतीय पुरुषों की फर्जी शादियां कराने का दोषी पाया गया है। इस आरोपी जोड़े ने लोगों की इसलिए फर्जी शादियां कराई ताकि वे ज्यादा दिन तक ऑस्ट्रेलिया में रह सकें।
एबीसी ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, चेतन मोहनलाल को ऑस्ट्रेलिया में वीजा सुरक्षित रखने के लिए 17 फर्जी शादियां कराने और 28 अन्य अरोपों में गिफ्तार किया गया है। चेतन मोहनलाल पर सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने का भी आरोपी माना गया है।
शादियों की जांच करने वाले वीजा विभाग के अधिकारी राबर्ट अंसल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें 2012 में एक समाचार पत्र के माध्य से ऐसी स्कीम के बारे में पता चला था कि लोग वीजा बचाने के लिए यहां शादी कर रहे हैं।
दिव्या ने 17 बार कराई अपनी शादी
आरोपी चेतन मोहनलाल की पत्नी दिव्या कृष्ण गौडा को 17 बार शादी कराने का दोषी पाया गया है। जांच अधिकारी राबर्ट अंसल ने कोर्ट को बताया कि उसे लगता है कि दिव्या गौडा ने 40-50 लोगों से शादी की है।
अंसल ने कहा कि यह एक दो फर्जी शादी करने का मामला नहीं बल्कि पूरी तरह से ऑर्गनाइज क्राइम का मामला है। उन्होंने एक अन्य महिला से इस बारे में पूछा कि क्या वे कमाई के लिए लोगों से फर्जी शादियां करती हैं? तो महिला ने अपनी शादी का सर्टिफिकेट दिखाया।
वहीं जांच में यह भी पाया है उस महिला को शादी के लिए 4000 डॉलर देने की बात कही गई थी और उसे 250 डॉलर हर सप्ताह दिए जहा रहे थे। हालांकि महिला ने कहा कि वह शादी करने के कोई गलत काम नहीं किया क्योंकि उसे फर्जीवाड़े के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।