बंदीरक्षकों को चकमा देकर फरार हुआ कैदी, बंदीरक्षक भी हैं लापता
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एटा जेल से एक हफ्ते पहले बीमारी की हालत में भर्ती कराया गया बंदी भूरा (50) एसएन मेडिकल कालेज के मेडिसिन वार्ड से रविवार सुबह दो बंदीरक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद से दोनों बंदीरक्षक भी लापता हैं।
दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी करने आए बंदीरक्षकों ने थाना एमएम गेट पुलिस को जानकारी दी। एटा जेल के जेलर ने बंदीरक्षकों और बंदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बंदीरक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। एसएन से पहले भी बंदी फरार हो चुके हैं।
असल्लकपुरा, मुरादाबाद निवासी भूरा को कासगंज से 15 सितंबर, 2014 को गोकशी और गैंगस्टर के मामले में गिरफ्तार करके एटा जेल भेजा गया था। निमोनिया और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत पर जेल प्रशासन ने पांच सितंबर को उसे एसएन अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में प्रथम तल पर वार्ड छह में भर्ती कराया।
चल नहीं पाता कैदी
एटा जेल से अभिरक्षा में छह बंदीरक्षकों की ड्यूटी शिफ्टों में लगाई गई थी।
रविवार सुबह करीब छह बजे शौच से लौटने के बाद भूरा वार्ड में टहलने लगा।
बंदीरक्षक नरेंद्र भदौरिया और पुष्पेंद्र यादव भी आराम फरमाने लगे।
इसी बीच
भूरा हथकड़ी को बेड से बांधकर फरार हो गया। साढ़े आठ बजे दूसरी शिफ्ट
के बंदीरक्षक शशिबाबू और श्रीप्रकाश पहुंचे तो बंदी के साथ ही दोनों
बंदीरक्षक भी नहीं मिले। उन्होंने वार्ड में तैनात डाक्टर से जानकारी की पर
कुछ पता नहीं चला।
डाक्टर ने थाना एमएम गेट पुलिस को जानकारी दी। तब सीओ
कोतवाली मनीषा सिंह, एसओ एमएम गेट फोर्स के साथ आए। जानकारी पर आए एटा जेल
के जेलर पीके सिंह ने बताया कि अभिरक्षा में लगे बंदीरक्षकों की लापरवाही
के चलते बंदी फरार हुआ है। वह एक पैर से ठीक से चल भी नहीं पाता है।