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बहुत खौफनाक है कत्ल हुई कांस्टेबल रूपा की प्रेम कहानी

Fri, 16 May 2014 07:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 16 May 2014 07:40 AM IST
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constable rupa murder case

कॉलेज के दिनों में परवान चढ़ा प्यार कांस्टेबल रूपा तोमर की हत्या का मुख्य कारण बना। रूपा ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसका प्यार ही उसकी मौत तक का कारण बनेगा।

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पुलिस के मुताबिक हत्या उसके मंगेतर फौजी ने की और इसके लिए उसे मजबूर किया रूपा की पढ़ाई के वक्त के प्रेमी और बेहद करीबी एक सिपाही ने। पुलिस ने रूपा के मंगेतर और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि आरोपी सिपाही फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए बागपत एसपी को लिखा गया है।
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मंगेतर राहुल ने हत्या का जुर्म तो कबूल लिया है।

हत्या से पहले रूपा से लिखवाया सुसाइड नोट

constable rupa murder case

चार दिन की मशक्कत के बाद रूपा के हत्यारोपी मंगेतर राहुल और प्रेमी विशेष को पकड़कर पुलिस ने बृहस्पतिवार दोनों को जेल भेज दिया। बकौल कोतवाली पुलिस राहुल ने बताया कि रूपा की हत्या उसने ही की है।

हत्या का कारण उसने रूपा के औरों से भी प्रेम संबंधों को बताया। राहुल का कहना है कि जब से उसका रिश्ता रूपा से हुआ तब से कई लड़कों के फोन उसके पास आ रहे थे। फोन करने वाले युवक खुद को रूपा का प्रेमी बताते थे। राहुल ने बताया कि 9 मई को वह रूपा के बुलाने पर ही बुलंदशहर आया और उसके कमरे पर पहुंचा। दोनों काफी वक्त साथ रहे। इसी बीच अन्य लोगों के फोन आने पर दोनों में विवाद हो गया।

राहुल ने प्यार जताकर उससे सुसाइड नोट लिखवाया। बाद में रूपा के हाथ गर्दन पर रखा और ऊपर से अपने हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और दुपट्टे के सहारे पंखे के कुंदे से लटका दिया और फरार हो गया।

रूपा की डायरी ने उगले कई राज

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मौका-ए-वारदात से पुलिस को मिली रूपा की डायरी में प्यार की दास्तां दिल का दर्द बयां करती है। रूपा जब कॉलेज में थी तो बड़ौत थाना क्षेत्र के गांव बसीखेड़ा निवासी विशेष नामक लड़का उसका करीबी हो गया और बाद में दोनों में प्यार हो गया।

विशेष और उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। दोनों ने पुलिस फोर्स ज्वाइन करने के लिए एक साथ तैयारी की, लेकिन यहां नसीब धोखा दे गया। रूपा का चयन हो गया लेकिन विशेष की बदनसीबी ने साथ नहीं छोड़ा। उसका सलेक्शन नहीं हुआ।

रूपा के प्यार की जानकारी होने पर परिजन विशेष से शादी के लिए तैयार हो गए, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति खराब होने पर मना कर दिया। उसके बाद भी रूपा ने नौकरी पर रहते हुए विशेष की कई बार आर्थिक मदद भी की। 

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न प्यार मिला न जीवनसाथी

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रूपा को छोटी सी जिंदगी में धोखे के अलावा कुछ नहीं मिला। न उसे उसका प्यार मिला न ही जीवनसाथी। बुलंदशहर में तैनाती के दौरान रूपा का यहीं पर क्राइम ब्रांच में तैनातएक सिपाही सुशील जावला से भी संपर्क हो गया। सुशील मुजफ्फरनगर जिले के गांव भभीसा का रहने वाला है। वह 2005 में पुलिस में भर्ती हुआ था। इस समय बागपत जिले में क्राइम ब्रांच में बतौर सिपाही तैनात है।

वह सिपाही एक बड़े पुलिस अफसर का करीबी था। पुलिसकर्मी ने अपनी पहुंच का फायदा उठाते हुए रूपा का ट्रांसफर देहात के थाने से नगर कोतवाली में करा दिया। कृष्णा नगर में कमरा भी उस सिपाही ने ही दिलाया। इस बीच दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं, लेकिन रूपा को यहां भी धोखा मिला। सुशील शादीशुदा था। शादी की बात चली तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद सुशील से रूपा की दूरी हो गई। रूपा से नजदीकी के वक्त सुशील की पहले प्रेमी विशेष से भी मुलाकात हो गई।

दोनों दोस्त बन गए। उसके बाद जहां भी रिश्ते शादी की बात होती सुशील और विशेष खुद को प्रेमी बताकर रिश्ता तुड़वा देते। अब सीआरपीएफ में तैनात राहुल से रिश्ता हो गया। बताया जाता है कि रूपा ने राहुल को फोटो से पसंद किया था। रिश्ता जुड़ने के बाद पुराने प्रेमियों ने राहुल को रूपा के खिलाफ भड़काया। राहुल के अनुसार, गुस्से में आकर 9 मई की रात वह रूपा के कहने पर आया और प्यार जताकर उसकी हत्या कर दी।

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