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छत से फेंकने से पहले सिपाही ने किया था रेप

Thu, 29 Jan 2015 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उझानी (बदायूं)
ब्यूरो/अमर उजाला, उझानी (बदायूं) Updated Thu, 29 Jan 2015 11:51 AM IST
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constable gaurav raped victim.

यूपी में उझानी कोतवाली परिसर स्थित क्वार्टर की छत से छात्रा को फेंकने के आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर ने छात्रा के साथ रेप भी किया था। पीड़ित छात्रा ने विवेचना अधिकारी के सामने ये बयान खुद दिया है।

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रेप की बात विवेचना कर रहे कोतवाल देवराज राठी को तब पता लगी, जब उन्होंने 18 जनवरी को सीआरपीसी की धारा 161 के तहत छात्रा के बयान दर्ज किए। अपने बयान में छात्रा ने सिपाही पर रेप का भी आरोप लगाया है। छात्रा ने कहा है कि गौरव उसको अक्सर अपने क्वार्टर पर बुलाकर ब्लैकमेल करता था। 15 जनवरी को ब्लैकमेलिंग का विरोध करने पर सिपाही ने उसे क्वार्टर की छत से फेंक दिया था। बयान में छात्रा ने कई ऐसी बातें और बताईं हैं, जो गौरव की हैवानियत बयां करती हैं। छात्रा के इस बयान के आधार पर गौरव के खिलाफ दौरान विवेचना रेप का मामला शामिल कर पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है।
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बता दें कि घटना के बाद छात्रा की मां ने पुलिस के गुमराह करने पर अपने दोनों देवरों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया था। बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती छात्रा के होश में आने पर बरेली रेंज के डीआईजी आरकेएस राठौर ने उसका बयान लिया था। इसके बाद सिपाही के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने के साथ ही बर्खास्त भी कर दिया गया था।
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बोल न पाने के कारण दर्ज नहीं हुए 164 के बयान

constable gaurav raped victim.

उझानी थाने में छत से फेंकी गई छात्रा की हालत में मामूली सुधार हुआ है। मंगलवार को छात्रा को बदायूं के जिला अस्पताल में शिफ्ट करा दिया गया था। हालांकि ठीक से बोल नहीं पाने के कारण बुधवार को मजिस्ट्रेट के सामने उसके 164 के बयान दर्ज नहीं हो सके। सीओ उझानी सतीश शर्मा ने बताया कि पुलिस छात्रा की हालत में कुछ और सुधार का इंतजार कर रही है।

164 के बयान से पहले बढ़ाई धाराएं

छात्रा के बुधवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान होने थे। सूत्र बताते हैं कि मामले की विवेचना कर रहे अधिकारी को छात्रा अपने साथ रेप की बात बता चुकी थी लेकिन पुलिस आरोपी को बचाने के लिए पूरे मामले को दबाए बैठी रही। जब पुलिस को लगा कि छात्रा मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद बयान दर्ज कराते समय रेप की बात कहेगी, तो किरकिरी से बचने के लिए 164 के बयान दर्ज होने से पहले गौरव के खिलाफ बलात्कार की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट भी लगा दिया गया।

रेप हुआ तो मेडिकल क्यों नहीं कराया!

मामले की जांच करने में लापरवाही बरती गई। छात्रा ने जब 18 जनवरी को ही यह बता दिया था कि उसके साथ रेप हुआ है, तो पुलिस ने अब तक उसका मेडिकल क्यों नहीं कराया? दूसरी बात यह कि पुलिस छात्रा के 164 के बयान दर्ज कराने में लगातार हीलाहवाली क्यों करती रही।

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