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रोंगटे खड़े करने वाला था तबाही का मंजर

Tue, 29 Jul 2014 01:46 PM IST
शशांक मिश्र/अमर उजाला, सहारनपुर
शशांक मिश्र/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Tue, 29 Jul 2014 01:46 PM IST
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communal violence: Saharanpur riots

दंगे से यदि किसी को बड़ा नुकसान हुआ है तो वह है सहारनपुर का कारोबार। फेस्टीवल सीजन होने के कारण घी-तेल, किराना, होजरी, रेडीमेड और सर्राफा कारोबार को ही दो दिन में करीब 50 करोड़ से की चपत लग चुकी है। व्यापारियों के अनुसार कारोबार को पटरी पर लौटने में अभी कई दिन लगेंगे।

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सहारनपुर में हौजरी और किराना का बड़ा कारोबार है। फेस्टीवल सीजन में सर्राफा कारोबार में भी तेजी रहती है, लेकिन इस बार दंगे ने सहारनपुर के कारोबार को बड़ा झटका दिया है। इससे उभरने में कारोबारियों को वक्त लगेगा।
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होजरी कारोबारियों के अनुसार कांवड़ का सीजन चल रहा था। दंगे के कारण कांवड़ से संबंधित बनियान, गमछे आदि आधा माल दुकानों और गोदाम में रह गया है। सहारनपुर होजरी मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण लाल मक्कड़ का कहना है कि रामपुर, बरेली, गोरखपुर आदि जिलों में शिवरात्रि के 15 दिन बाद भी जल चढ़ता है। ऐसे में होजरी का काफी कारोबार इन जिलों पर भी निर्भर रहता है।

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दंगाइयों ने 100 से ज्यादा दुकानों को लूटा

communal violence: Saharanpur riots

दंगे की आग से झुलसे यूपी के सहारनपुर में दंगाइयों ने ऐसा कहर बरपाया था कि तबाही का मंजर रोंगटे खड़े करने वाला है।

अंबाला रोड पर शनिवार को सौ से ज्यादा दुकानों में लूटपाट और आगजनी से व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

दुकानों के मलबे में टूटे पड़े ताले और वहां पड़ी केमिकल की केनों से साफ है कि दंगाइयों ने लूटपाट के बाद केमिकल डालकर दुकानों में आग लगाई थी।

जली हुई दुकानों के बाहर केमिकल के केन मिलने से साफ है कि दंगाई योजनाबद्ध थे। गुरुद्वारा रोड के निवासियों और व्यापारियों पर उपद्रवियों का कहर इस कदर रहा कि दंगे की बात आते ही वे सिहर जाते हैं।

अंबाला रोड पर दंगाइयों ने मचाई गई भारी तबाही

communal violence: Saharanpur riots
सोमवार को अंबाला रोड की दुकानों से उठता धुआं और चारों ओर बिखरी राख तीन दिन पहले उन्मादियों के कहर की कहानी बयां कर रहा है।

हर दुकान में लाखों रुपये का माल था और त्योहारी सीजन के लिए व्यापारियों ने स्टॉक फुल किया हुआ था, मगर उन्हें क्या पता था कि उनके खून-पसीने की कमाई दंगाई लूट लेंगे और दुकानों को राख कर जख्म गहरा कर जाएंगे।

कुतुबशेर थाने से शहर की ओर बढ़ने पर सड़क के दोनों तरफ करीब 100 दुकानें दंगाइयों के निशाने पर रहीं। तीन दिन पहले जमीन विवाद को लेकर शुरू हुआ झगड़ा देखते-ही देखते दंगे में तब्दील हो गया था।

दुकानों की राख और मलबे से साफ है कि दंगाई पूरी तैयारी से आए थे और उनका इरादा केवल लूट था।

कहां से आई ज्वलनशील केमिकल की इतनी बड़ी खेप

communal violence: Saharanpur riots

अंबाला रोड की जिन दुकानों को निशाना बनाया गया, उनमें इलेक्ट्रानिक्स शोरूम, ऑटो मोबाइल, स्पेयर पार्ट्स, बैटरी आदि की दुकानें थीं। कर्फ्यू में ढील के बाद जब व्यापारियों ने दुकानें खोली तो ज्यादातर दुकानों के ताले टूटे हुए थे और वहां केमिकल के केन पड़े मिले। इससे साफ है कि दंगाइयों ने पूरी तैयारी से लूटपाट की।

अंबाला रोड की दुकानों में लूटपाट और आगजनी से व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। चावला इलेक्ट्रानिक्स के मालिक बलजीत चावला ने बताया कि तीन तल के शोरूम में कई लाख का माल था, लेकिन अब केवल राख बची है।

अन्य दुकानों में भी लाखों का माल या मशीनरी थी। दंगाइयों ने लूटपाट के बाद दुकानों की मशीनों में भी तोड़फोड़ की है। ऐसे में माल के साथ दुकानों के जलने से उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ है।

दंगाइयों के कहर के बाद सबसे बड़ा सवाल उठता है ज्वलनशील केमिकल की इतनी बड़ी खेप कहां से आई। जिस तरह आगजनी की गई है, उसमें 50 से ज्यादा केनों का इस्तेमाल हुआ है। हालांकि प्रशासन के पास इसका कोई जवाब नहीं है।

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