सुहागरात पर उठाया खतरनाक कदम
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सुहागरात पर प्रोफेसर दूल्हे ने फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या के बाद घर में कोहराम मच गया।
पुलिस का मानना है कि संभवत: किसी टिप्पणी से खिन्न होकर यह खतरनाक कदम उठाया गया है।
गांव नंगला राठी, दौराला निवासी प्रोफेसर सतीश पुत्र भोपाल सिंह बुलंदशहर के डिबाई स्थित डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर था।
सतीश की शादी 16 अप्रैल को एक पूर्व विधायक की पोती से हुई थी।
17 अप्रैल की तड़के दुल्हन ससुराल पहुंची थी। सुबह के समय सभी रस्म अदायगी की गई। शाम के समय प्रोफेसर के परिजन एक विवाह समारोह में चले गए थे।
नीम के पेड़ पर बांधकर लगा ली फांसी
घर पर दूल्हा, दुल्हन के अलावा कुछ रिश्तेदार ही थे। सतीश बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे घेर में अपने बाबा हरिया को देखने की बात कहकर गया था।
घेर में खड़ी बुग्गी की पट्टी खोलकर नीम के पेड़ पर बांधकर उसने फांसी लगा ली।
रात में करीब 12 बजे ग्रामीणों ने सतीश का शव लटका देखा तो परिजनों को सूचना दी।
आनन फानन में दोनों पक्षों के परिजन वहां पहुंच गए।
मानसिक तनाव में थे प्रोफेसर
मायके वाले दुल्हन को रात में ही ले गए। करीब तीन बजे दौराला पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी।
शुक्रवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि सतीश के गर्दन की हड्डी टूटी मिली हैं।
इंस्पेक्टर दौराला जनक सिंह पुंडीर के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नितांत व्यक्तिगत बातों को लेकर प्रोफेसर मानसिक तनाव में थे।
अभी प्रोफेसर की पत्नी से पूछताछ नहीं हुई है।
मातम में बदली खुशी
जिस घर में शादी की खुशी थी और नई दुल्हन का स्वागत हुआ, वहां अब मातम पसरा था।
प्रोफेसर की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। अभी तक सभी रिश्तेदार विदा भी नहीं हुए थे।
जहां एक दिन पहले रिश्तेदार खुशी में शामिल हुए थे, वहीं एक दिन बाद सभी रिश्तेदार मातम में शामिल हुए।