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बदायूं केस में आया अहम मोड़

Tue, 08 Jul 2014 11:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 08 Jul 2014 11:03 AM IST
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CBI takes the narco test in Badaun case

सीबीआई ने बदायूं में दो चचेरी बहनों के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच में लड़कियों के पिता, उनके एक रिश्तेदार और एक गवाह के नारको टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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इससे पहले इनका लाई डिटेक्टर टेस्ट और पोलीग्राफी करवाया जा चुका है। लेकिन सीबीआई को मामले की जटिलता साफ करने में कोई खास मदद नहीं मिली है।

अदालत ने इन चारों के नारको टेस्ट के लिए सीबीआई को तीन दिन की मोहलत दी है। एजेंसी के दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) में सोमवार से लेकर बुधवार तक इनका नारको टेस्ट पूरा कर लिया जाएगा।

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विरोधाभासी बयानों से उलझी सीबीआई

CBI takes the narco test in Badaun case

जांच से जुड़े अधिकारी ने अमर उजाला को बताया, "लाई डिटेक्टर टेस्ट ने मामले को और उलझा दिया है। इसके तह तक पहुंचने के लिए नारको टेस्ट ही विकल्प बचता है।"

इससे पहले सीबीआई तीन आरोपी भाई पप्पू यादव, अवधेश यादव और उर्वेश यादव का पोलीग्राफी टेस्ट करा चुकी है।

इसके अलावा दो पुलिस कांस्टेबल सर्वेश यादव और छत्रपाल सिंह को भी झूठ पकड़ने वाली मशीन से गुजारा गया है, लेकिन सारी कोशिशें मामले को सुलझाने के बजाए और उलझा रही हैं।

जांच में कई और चौंकाने वाले खुलासे

CBI takes the narco test in Badaun case

27-28 मई की रात बदायूं के कटरा सदातगंज गांव में दो बहनों के यौन उत्पीड़न और पेड़ से लटका कर कत्ल के बाद यूपी पुलिस भी मामले में उलझी रही। अब तक की जांच के मुताबिक आरोपी पप्पू और बड़ी बहन फोन से लगातार संपर्क में रहे।

कॉल डिटेल के मुताबिक पिछले चार महीने में दोनों ने 380 बार बात की। गवाहों के मुताबिक यह आपस में मिलते-जुलते भी थे।

उधर, मौत के बाद लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी के पास मोबाइल फोन था ही नहीं, लेकिन पुलिस को उस लड़की का मोबाइल टूटी फूटी हालत में मिला।

इसी तरह तीन आरोपी भाईयों और पुलिस वालों के बयानों में भी विरोधाभास है। दूसरी तरफ पुलिस को जो सबूत मिल रहे हैं वह इनके बयानों से मेल नहीं खा रहे।

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