बदायूं कांड: चार दिन बाद बह जाएंगे लड़कियों के शव!
बदायूं के कटरा सआदतगंज मामले में गंगा किनारे अटैना घाट पर दफनाए गए दोनों लड़कियों के शवों का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास फिलहाल चार दिन का समय है। सीबीआई के कहने पर एसपी सिटी ने दोनों लड़कियों की कब्रों पर स्थानीय बाढ़ खंड अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी। बाढ़ खंड की टीम ने मौका-मुआयना कर जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक कब्रें चार दिन ही सुरक्षित हैं।
इसके बाद हरिद्वार से छोड़ा गया लगभग एक लाख क्यूसेक पानी कब्रों तक पहुंच सकता है। बता दें कि गंगा में मौजूदा समय में करीब 3500 क्यूसेक पानी है। यही नहीं, नरौरा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा में पानी बढ़ने की संभावना है। अभी, गंगा की धारा से उस स्थान की दूरी मात्र आठ मीटर हैं, जहां दोनों लड़कियों की लाशें दफनाई गई हैं।
सिर्फ चार दिन लड़कियों की कब्रें सुरक्षित
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बाढ़ खंड के एक्सईएन डीके जैन से उस स्थान की सुरक्षा की स्थिति जाननी चाही थी, जहां दोनों लड़कियों के शव दफनाए गए थे। नरौरा बैराज से गंगा में आ रहे पानी को रोकने की बात भी इसमें शामिल थी। इस पर बाढ़ खंड की टीम में शामिल एई अखिलेश कुमार, जेई रवेंद्र कुमार, मुकेश चंद्रा और जुल्फिकार द्वारा मौका-मुआयना कर तैयार की गई रिपोर्ट में लड़कियों की कब्रें चार दिन तक सुरक्षित बताई गई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नरौरा बैराज से छोड़े जाने वाले पानी पर किसी का नियंत्रण नहीं हो सकता। इस बात के संकेत नरौरा बाढ़ खंड के बाबू ने भी दिए हैं। स्थानीय बाढ़ कंट्रोल रूम को मिल रही सूचना के अनुसार हरिद्वार से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नरौरा की नहरों में भी पर्याप्त पानी है। इसलिए इनमें पानी खपाना मुश्किल है। चार दिन बाद यह पानी बदायूं जिले की सीमा में बहने वाली गंगा में पहुंच जाएगा।