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व्यवसायी ने परिवार संग की खुदकुशी
अमर उजाल, गाजियाबाद
Updated Sun, 15 Sep 2013 03:05 PM IST
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कर्ज का बोझ न उतार पाने के चलते दिल्ली के एक कारोबारी ने गाजियाबाद के मसूरी मे हाइवे पर अपने परिवार के साथ जहर खाकर जान दे दी।
दिल्ली के कारोबारी आलोक वर्मा (53) ने पत्नी अमृता (50) और बेटे रोबिन (24) की जहर खाने की मौत हो गई है।
मिठाई में सल्फास मिलाकर खाने से बड़ा बेटा निखिल (26) भी पुष्पांजलि क्रासले अस्पताल में मौत से जूझ रहा है।
जहर खाने की वजह बिजनेस में नुकसान, करीब 50 लाख रुपये कर्ज और लेनदारों का दबाव था।
आलोक ने शुक्रवार रात डेढ़ बजे दिल्ली में अपने भाई आशुतोष को फोन किया था कि ‘अब बहुत हुआ, आई क्विट।
वह परिवार के साथ जान दे रहे हैं, सुसाइड नोट घर में रखा है।’ पुलिस को कार में मिठाई और सल्फास की गोलियां मिली हैं।
आलोक पत्नी और दो बेटों के साथ कार में दिल्ली उत्तमनगर से मुरादाबाद जा रहे थे। बाबूगढ़ में इन्होंने खाना खाया और मसूरी में एनएच-24 पर एकेजी इंस्टीट्यूट के सामने इनकी तबियत बिगड़ गई।
एसएचओ मसूरी गुलजार अहमद ने बताया कि आलोक के छोटे भाई आशुतोष और निखिल ने शनिवार तड़के कंट्रोल रूम में फोन कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस रोबिन और अमृता को कोलंबिया एशिया अस्पताल ले गई, जहां उनकी मौत हो गई।
आलोक और निखिल को पुष्पांजलि में भर्ती कराया गया, जहां आलोक ने भी उपचार के दौरान सुबह सात बजे दम तोड़ दिया।
निखिल की हालत गंभीर बनी हुई है। आलोक वर्मा की दिल्ली नजफगढ़ में गाड़ियों के पार्ट्स (पंप-नोजिल) बनाने की फैक्ट्री है। मूल रूप से मुरादाबाद के टांडा कसबे के रहने वाले थे।
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दिल्ली के कारोबारी आलोक वर्मा (53) ने पत्नी अमृता (50) और बेटे रोबिन (24) की जहर खाने की मौत हो गई है।
मिठाई में सल्फास मिलाकर खाने से बड़ा बेटा निखिल (26) भी पुष्पांजलि क्रासले अस्पताल में मौत से जूझ रहा है।
जहर खाने की वजह बिजनेस में नुकसान, करीब 50 लाख रुपये कर्ज और लेनदारों का दबाव था।
आलोक ने शुक्रवार रात डेढ़ बजे दिल्ली में अपने भाई आशुतोष को फोन किया था कि ‘अब बहुत हुआ, आई क्विट।
वह परिवार के साथ जान दे रहे हैं, सुसाइड नोट घर में रखा है।’ पुलिस को कार में मिठाई और सल्फास की गोलियां मिली हैं।
आलोक पत्नी और दो बेटों के साथ कार में दिल्ली उत्तमनगर से मुरादाबाद जा रहे थे। बाबूगढ़ में इन्होंने खाना खाया और मसूरी में एनएच-24 पर एकेजी इंस्टीट्यूट के सामने इनकी तबियत बिगड़ गई।
एसएचओ मसूरी गुलजार अहमद ने बताया कि आलोक के छोटे भाई आशुतोष और निखिल ने शनिवार तड़के कंट्रोल रूम में फोन कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस रोबिन और अमृता को कोलंबिया एशिया अस्पताल ले गई, जहां उनकी मौत हो गई।
आलोक और निखिल को पुष्पांजलि में भर्ती कराया गया, जहां आलोक ने भी उपचार के दौरान सुबह सात बजे दम तोड़ दिया।
निखिल की हालत गंभीर बनी हुई है। आलोक वर्मा की दिल्ली नजफगढ़ में गाड़ियों के पार्ट्स (पंप-नोजिल) बनाने की फैक्ट्री है। मूल रूप से मुरादाबाद के टांडा कसबे के रहने वाले थे।
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