फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   Burn injuries inflicted in minor girl’s private parts for urinating on bed

बिस्तर पर पेशाब किया तो मासूम को मोमबत्ती से जलाया

Thu, 22 Jan 2015 12:12 PM IST
Updated Thu, 22 Jan 2015 12:12 PM IST
विज्ञापन
Burn injuries inflicted in minor girl’s private parts for urinating on bed

सरकारी शेल्टर होम में लोगों का ख्याल कैसे रखा जाता है यब बात किसी से छुपी नहीं है, लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया। शेल्टर होम में पांच साल की बच्ची को एक महिला कर्मचारी ने न सिर्फ पीटा बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट को मोमबत्ती से जलाया।

विज्ञापन


मामला राजधानी के लाडली आश्रय गृह का है। पुलिस के अनुसार, पांच साल की बच्ची ने रात में सोते समय बिस्तर पर पेशाब कर दिया था। इस बात से नाराज होकर वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उसके साथ हैवानियत की।
विज्ञापन


घटना सामने आने के बाद बजरिया पुलिस थाने में आरोपी महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है।

मां ने नहाते समय देखे जलाने के निशान

Burn injuries inflicted in minor girl’s private parts for urinating on bed

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि रेखा अहिरवार नाम की महिला अपने पति के साथ कोलार में रहती है। उसने अपनी दो बेटियों को शंकराचार्य नगर स्थित हॉस्टल में बीते साल 1 दिसंबर को भर्ती कराया था। वो कभी-कभी उनसे मिलने हॉस्टल जाते थे। उनमें से एक की उम्र 7 साल है।

बीते 17 जनवरी को वह दोनों बच्चियों के घर ले आई। घर में उसने देखा कि छोटी बच्ची के प्राइवेट पार्ट में जलाए जाने के कई निशान थे। बच्ची की हालत देखकर मां का दिल कांप गया। उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।

रेखा ने यह निशान तब देखे थे जब बच्ची नहा रही थी। जब उसने बच्ची से इसके बारे में पूछा तो उसने सारा सच बयां किया। बच्ची ने बताया कि कैसे उसे हॉस्टल में टॉर्चर किया जाता था।

बोली आरोपी, इसलिए जलाया ताकि फिर न करे

Burn injuries inflicted in minor girl’s private parts for urinating on bed

पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है हालांकि अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 324 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत केस दर्ज किया गया है।

बच्ची से सच सुनने के बाद उसकी मां ने हॉस्टल जाकर महिला से इस बारे में सवाल किए। जिस पर आरोपी महिला ने कहा कि उसने ऐसा इसलिए किया ताकि बच्ची दोबारा बिस्तर पर पेशाब न करे।

पुलिस के अनुसार, बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा गया है। फिलहाल मामले की छानबीन जारी है। पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने हॉस्टल में दूसरे बच्चों के साथ भी ऐसा व्यवहार तो नहीं किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed