पापा से बोली मैं बस में बैठ गई हूं, डेढ़ महीने बाद मिला रेप का वीडियो
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गुमशुदा रेप पीड़ित के घरवालों की मानें तो पुलिस अगर समय पर उनकी शिकायत पर अमल करती तो शायद बेटी को बचा लिया जाता। परिवार वालों ने युवती के गायब होने के अगले दिन 24 नवंबर को असम चौकी में तहरीर दे दी थी, लेकिन पुलिस ने न रिपोर्ट दर्ज की और न ही खोजबीन में दिलचस्पी दिखाई। वायरल हुई वीडियो क्लिपिंग में जब भयावहता सामने आई तो एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
वहीं पुलिस दो दिसंबर को गुमशुदगी दर्ज करने का दावा कर रही है। पुलिस की ही बात मान ली जाए तो सवाल खड़ा होता है कि जब महिला के गायब होने के दूसरे दिन पुलिस को तहरीर दी गई तो पुलिस ने दो दिसंबर को गुमशुदगी क्यों दर्ज की और गायब महिला को तलाशने का प्रयास क्यों नहीं किया?
फिलहाल, मामले की गंभीरता को भांपते हुए नया मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। एसपी के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण और रेप की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। टीमों को बरेली भेजा गया है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
व्हॉट्सऐप पर मिला गुमशुदा युवती की रेप का वीडियो
पिता के घर में कुछ दिन बिताकर वो ससुराल के लिए निकली थी। गोद में चार माहीने की बच्ची थी। दिन का वक्त था, उसके पिता उसे बस में बैठाकर बेफिक्र होकर घर लौट आए थे। पीलीभीत से बरेली पहुंचकर उसने फोन भी किया था कि वो बंदायू जाने वाली बस में बैठ गई है।
लेकिन शाम तक बेटी के ससुराल पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली। अंधेरा जैसे गहराता गया, सबके माथे पर चिंता की घोर लकीरे उभरती गईं। उस दिन किसी को भूख-प्यास तक नहीं लगी। धीरे-धीरे पूरी सर्द रात गुजर गई, हफ्ता और महीना भी गुजर गया। अब करीब डेढ़ महीने के बाद उसके साथ हुई हैवानियत वीडियो आया है।
गुमशुदा बहन का सामूहिक दुष्कर्म वाला वीडियो भाई के मोबाइल पर आया तो परिवार वालों के ऊपर जैसे बज्रघात गिर गया। पुलिस अब भी आश्वासन दे रही है।
दरिंदों की शिनाख्त के लिए तफ्तीश में जुटी पुलिस
बेहद सनसनीखेज मामला यूपी के पीलीभीत का है। बीते 23 नवंबर को युवती अपनी नन्हीं बच्ची को लेकर बंदायू स्थित ससुराल जाने के लिए निकली थी। तब से मायके और ससुराल वाले दिन रात एक करके गुमशुदा युवती को ढूढ़ रहे थे।
डेढ़ महीने बाद भाई को बहन की रेप का वीडियो उसके इलाके के एक परिचित के व्हॉट्सऐप से मिला। परिचित लड़के ने ही वीडियो देखकर रेप पीड़िता की पहचान की थी और घरवालों को उसकी सूचना दी थी।
पीड़ितों के मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म का वीडियो मिलने के बाद भी जब इलाके के बीएसपी नेता की मदद ली गई तो पुलिस हरकत में आई मामला दर्ज किया। उधर पीड़ित घरवालों को बेटी के मिलने की उम्मीद अब न के बराबर है।
रेप के वीडियो में वहशत को अंजाम देते हुए 6 दरिदों के चेहरे साफ दिख रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक थाना सुनगढ़ी बृजेश सिंह के नेतृत्व में बरेली पहुंची पुलिस ने वीडियो क्लिपिंग में दिख रहे बदमाशों की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए हैं। दो जगहों पर दबिश भी दी गई, लेकिन अब तक संदिग्ध पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।