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'ना मौत का गम है ना उसे मारने का अफसोस'

Tue, 20 May 2014 05:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, भोपाल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, भोपाल Updated Tue, 20 May 2014 05:23 PM IST
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bride shot dead at wedding venue by pining cousin

'जिंदगी आज अपनी खत्म करने चला हूं मैं, मौत के आगोश में समाने चला हूं मैं, बुरा मैं नहीं बुरे हालात हैं मेरे, खुदा जानता है मेरा, भला हूं मैं, ऐसा नहीं कि जीने की कोशिश नहीं की मैंने, पथरीले रास्तों पर रेंग-रेंग कर चला हूं मैं, एक चिंगारी सी दिल में दबी थी मेरे, आज मिली हवा और जला हूं मैं, मालूम न थी जिंदगी इतनी बेमतलब होगी, बचपन में बहुत नाजों से पला हूं मैं।

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अपने फेसबुक पर लिखी इन्हीं चंद लाइनों को सुनाते हुए अनुराग कहता है 'मुझे न तो जयश्री की मौत का गम है और न ही उसे मारने का अफसोस। वह तो अब भी इसे गलती मानने को तैयार नहीं है।
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अनुराग अभी सेंट्रल जेल में बंद है। वह वहां गुमसुम रहता है। डॉ. जयश्री हत्याकांड में पुलिस कल कोर्ट में उसके खिलाफ चालान पेश करेगी।

डॉ. जयश्री हत्याकांड में पेश होगा चालान

bride shot dead at wedding venue by pining cousin

गौरतलब है कि भोपाल के लालघटी इलाके में एक निराश प्रेमी अनुराग ने एकतरफा प्यार में अपने सगे मामा की बेटी डॉ. जयश्री नामदेव को शादी के दिन स्टेज पर वरमाला के समय गोली मारकर हत्या कर दी थी।

अनुराग जयश्री को जान से मारने के लिए उतावला हुआ जा रहा था। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जयश्री किसी और से शादी करने वाली है। वह इतने मानसिक तनाव में था कि अकेले में वह दीवारों से अपना सिर मारता रहता था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जैसे ही अनुराग ने रोहित के फेसबुक प्रोफाइल पर जयश्री और रोहित की सगाई के फोटो देखे, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। घटना के 20 दिन पहले वह भोपाल भी आया था, लेकिन मृतका के परिजनों ने उसे भगा दिया था।

अनुराग के मन में अब जीने की चाह नहीं...

bride shot dead at wedding venue by pining cousin

इसके बाद से ही वह जयश्री की हत्या की योजना बनाने लगा था। घटना के तीन दिन पहले से वह जयश्री को मिलने की तैयारी करने लगा, लेकिन परिजनों के दबाव के कारण वह उससे नहीं मिल पा रहा था। उसे डर था कि अगर वह भोपाल आएगा, तो जयश्री के परिजन उससे मारपीट करेंगे।

इसके बाद भी अनुराग 8 मई की सुबह 9 बजे अपने दोस्त की बाइक लेकर भोपाल के लिए निकला पड़ा। उसने अपने पास एक पिस्टल और 5 कारतूस भी रख लिए थे। जयश्री से मुलाकात करने में नाकाम अनुराग रात 11 बजे सुंदरवन कोहनूर मैरिज गार्डन पहुंच गया, जहां उसने सबके सामने गोली मारकर जयश्री की हत्या कर दी थी।

उसने पुलिस को बताया कि वह जयश्री को किसी और के साथ देख ही नहीं सकता था। उसे न तो हत्या करने का अफसोस है और न ही अब जीने की चाह।

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