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डांटने वाले अंकल को फंसाने के लिए रचा किडनैपिंग का ड्रामा

Sat, 19 Oct 2013 11:58 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 19 Oct 2013 11:58 AM IST
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boy planned his kidnapping to take revenge

नोएडा में एक किशोर ने डांट का बदला लेने के लिए अपने ही अपहरण का ड्रामा रच डाला और डांटने वाले को ही फंसा दिया।

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अचानक लापता हुए किशोर ने दोस्तों को फेसबुक से अपने अपहरण की बात बताई, जिसके बाद परिजनों और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मामला थाना सेक्टर 24 क्षेत्र का है।
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पुलिस के मुताबिक मूलरूप से नालंदा बिहार निवासी राहुल (बदला हुआ नाम) अपने परिजनों के साथ चौड़ा में रहता है। वह चौड़ा के ही एक स्कूल में कक्षा आठवीं का छात्र है। उसके पिता सेक्टर 59 स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री में सुपरवाइजर हैं।
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14 अक्तूबर की रात वह घर से दो सौ रुपये लेकर टीशर्ट खरीदने गया था। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसको तलाशना शुरू किया। हारकर परिजनों ने 15 अक्तूबर को इसकी सूचना थाना सेक्टर 24 पुलिस को दी।

फेसबुक से करता रहा बात
अगले दिन राहुल ने अपने एक दोस्त से फेसबुक के जरिये संपर्क किया और उसे बताया कि पड़ोस में रहने वाले अंकल ने उसका अपहरण कर लिया है। उनके साथ दो और लोग भी हैं। दोस्त ने जब उससे पूछा कि तुम इस समय कहां पर हो, तो उसने बताया कि उन्होंने किसी अज्ञात जगह पर कमरे में उसे बंद कर दिया है।

दोस्त ने जब चैटिंग के बारे में पूछा तो उसने बताया कि अपहरण करने वालों में से एक अंकल का फोन गिर गया था, जिसे उसने चुरा लिया और उसी से चैट कर रहा है। दोस्त ने जब यह पूछा कि उस फोन से तुम घरवालों को कॉल क्यों नहीं कर रहे हो, तो उसने बताया कि मोबाइल में बैलेंस नहीं है।

राहुल ने अपने दो और दोस्तों से चैट की। दोस्तों ने राहुल के माता-पिता को इसकी सूचना दी। इसी में से एक दोस्त ने उसके परिजनों को बताया कि राहुल ने 15 अक्तूबर को उसका मोबाइल मांगा था और फिर वापस नहीं किया। तब पुलिस को शक हुआ।


मकान मालिक की डांट का बदला
दोस्तों ने चैट के जरिये राहुल को बताया कि अपहरण की जानकारी मिल गई है और उसकी तलाश की जा रही है। 18 अक्तूबर की सुबह नाटकीय ढंग से राहुल वापस आ गया। उसने पुलिस को बताया कि वह चेन्नई चला गया था। उसने पुलिस को टिकट भी दिखाया।

थाना प्रभारी दीपक शर्मा ने बताया कि राहुल 15 अक्तूबर को पड़ोस के मकानों की छत फांदकर एक घर की छत पर चला गया था। उस मकान के किराएदारों ने मकान मालिक से शिकायत की थी। मकान मालिक ने राहुल को डांटा था, जिसका बदला लेने के लिए उसने अपहरण का ड्रामा रचा और अपहर्ता के रूप में उस मकान मालिक का नाम लिया, जिसने उसे डांटा था।


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