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'बिकनी किलर' चार्ल्स सोभराज पर मर मिटी थी सेंटाल

Mon, 08 Feb 2016 04:15 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 08 Feb 2016 04:15 PM IST
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bikini killer charles sobhraj and his love story with chantal

अपने अपराधों के कारण 'बिकनी किलर' के नाम से चार्ल्स सोभराज जितना ही कुख्यात हुआ है उससे ज्यादा वह अपने प्रेम प्रसंगों को लेकर चर्चा में रहा। सोभराज के प्रेम प्रसंग को अगर आप करीब से देखेंगे तो पाएंगे कि वह एक ऐसा रोमियो था जो पहली मुलाकात में ही किसी का दिल जीत लेता था।

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1976 से 1997 के दौरान भारतीय जेलों में सजा काटने वाला फ्रांसीसी अपराधी सोभराज को फ्रांस में पहली बार जब 1963 में जेल हुई तो वह अपने जुगाड़ू दिमाग से जल्द ही जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद चार्ल्स सरगना अपराधियों से मिलने लगा और फ्रांस के अमीर लोगों से जान-पहचान बढ़ाने लगा।
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इसी जान पहचान बढ़ाने के दौरान एक पार्टी में सोभराज की मुलाकात सेंटाल नामकी युवती से हुई। चार्ल्स शोभराज की शारीरिक बनावट और बोलचाल का तरीका ऐसा था कि किसी भी जवान युवती के लिए संभव ही नहीं था कि वह उसके आकर्षण से मुक्त रह सके और उस पर फिदा न हो जाए। फिर चार्ल्स के पास तो अपनी बहादुरी के किस्से भी थे।

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सेंटाल के माता-पिता को कुबूल नहीं था रिश्ता

bikini killer charles sobhraj and his love story with chantal

सेंटाल एक खूबसूरत लड़की थी जो अपने माता-पिता के साथ रहती थी। सेंटाल के माता-पिता को जब चार्ल्स से प्रेम प्रसंग की बात पता चली तो उन्होंने चार्ल्स के साथ संबध कुबूल करने से मना कर दिया क्योंकि वह एक परिवार रूढ़‌िवादी से थे।

चार्ल्स ने सेंटाल को बताया था कि वह वियतनाम के शहर साइगॉन के एक धनी परिवार से है। उसके बोलने का अंदाज बिलकुल किवियों की तरह था। इस तरह उसने सेंटाल को शादी के लिए तैयार कर लिया, लेकिन इसके बावजूद सेंटाल के माता-पिता को वह शादी के लिए नहीं मना सकी।

सेंटाल युवती पारसी थी और एक अविवाहित वियतनामी पिता और सिंधी मां की संतान था। सेंटाल के पिता को चार्ल्स से शादी इसलिए मंजूर नहीं थी क्योंकि चार्ल्स उनके समुदाय का नहीं था। लेकिन चार्ल्स के प्यार की दीवानी सेंटाल कहती थी, "मुझे फर्क नहीं पड़ता की वह अमीर है या नहीं।

जेल के दौरान परवान चढ़ा सेंटाल का प्यार

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सेंटाल से दोस्ती होने के कुछ दिन बाद चार्ल्स शोभराज फिर से जेल चला गया लेकिन सेंटाल अब चार्ल्स के प्यार में इतना डूब चुकी थी कि वह जेल में भी उससे मिलने जाने लगी। हालांकि अभी तक सेंटाल को चार्ल्स के काम धंधे के बारे में कुछ भी पता नहीं था।

इस बार चार्ल्स आठ महीने तक जेल में रहा तो इस दौरान सेंटाल ने उसके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारा। इस बारे में कोई उससे पूछती तो वह लोगों को ये बताती थी, कि उसे सेना में भर्ती करने के लिए बुलाया गया था।

धीरे-धीरे समय बीतने के साथ-साथ चार्ल्स ने अपने घोटालों और हेराफेरी से काफी धन एकत्र कर लिया। इससे सेंटाल के माता-पिता को लगा कि चार्ल्स कमाऊ इंसान है तो उन्होंने सेंटाल से शादी करा दी।

कुछ दिनों बाद सेंटाल को महसूस हुआ कि वह गर्भवती हो चुकी है तो उसी समय चार्ल्स ने यूरोप छोड़ने का निर्णय लिया। वह पूरी एशिया के देशों जैसे चीन, जापान में जालसाजी का काम करता था जहां से वह पूरे फ्रांस में नकली चेक के जरिए धोखाधड़ी का काम करता था।

चार्ल्स एक बार फिर फेलिक्स नाम के शख्स से मिला और उससे अपना दोस्त बना लिया। चार्ल्स ने फेलिक्स से उसकी कार मांगी और फिर इसके बाद उसने अपना कमाया हुआ पूरा धन उस कार में भरा और पूर्वी यूरोप के रास्ते देश छोड़ दिया।

इस बीच उसके सम्पर्क में आने वाले लोगों को भी वह लूटता रहा। अंततः फेलिक्स से मांगी हुई कार के साथ इस्तांबुल जा पहुंचा। और अंत में वह भारत आ गया, जहां सेंटाल ने चार्ल्स के बच्चे को जन्म दिया।

इस बीच पेरिस में अधिकारियों की एक टीम चार्ल्स और उसकी पत्नी के बारे में पूछताछ के लिए चार्ल्स के दोस्तों से मिल रही थी।

काबुल में हमेशा के लिए बिछड़ा प्यार

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चार्ल्स भारत पहुंचा तो मुंबई को अपना अड्डा बनाया और यहां की एक 'फ्रेंच सोसाइटी' से जुड़ गया। चार्ल्स एक ऐसा व्यक्ति था, जो आसानी से किसी भी साथ मेलजोल बना लेता था। उसने यहां के अमीर लोगों में अपनी पहचान बना ली।

सेंटाल तो एक सुन्दर और आकर्षक दिखने वाली महिला थी ही। उसके साथ एक प्यारा बच्चा भी था। इसके कारण लोगों ने उनका चाय और पार्टी देकर स्वागत किया।

सेंटाल अपनी शादी के बाद भी चार्ल्स के काम के बारे में बिलकुल नहीं जानती थी। वह चार्ल्स से उसके काम के बारें में पूछती थी, पर वह स्पष्टता से कुछ नहीं बताता था। इस प्रकार वह कई महीने बीतने के बाद भी अपना काम करता रहा। पुलिस को इस बात की खबर तक नहीं थी।

कुछ समय बाद वह दिल्ली में एक चोरी में पकड़ा गया और जेल भेज दिया गया। जेल में उसने अल्सर के बहाने हॉस्पिटल में भर्ती होने की साजिश रची। इसमें उसकी पत्नी ने भी उसका साथ दिया, पर वह दोबारा अपनी पत्नी के साथ पकड़ा गया। इस बार दोनों को जेल जाना पड़ा, लेकिन सेंटाल को जमानत मिल गई।

कुछ समय बाद उसने जमानत के लिए साइगॉन में रह रहे अपने पिता से पैसे मांगे और अपनी जमानत करवाई। इसके बाद वह भारत से भाग निकला। भारत से भागने के बाद चार्ल्स का नया ठिकाना बना काबुल यानी अफगानिस्तान।

वह यहां हिप्पियों को बड़े आराम से ठगता और लूटता था। खासकर उनको जो नशीली दवाएं खरीदने के लिए यूरोपियन देशों से आते थे। उसकी जिंदगी बड़े आराम से कट रही थी, लेकिन उसे जल्द ही काबुल से निकलने की इच्छा हुई। इसी बीच उसे काबुल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने फिर जेल से भागने का षडयंत्र रचा और भागने में सफल रहा लेकिन इस बार उसकी प्रेमिका यहीं छूट गई और फिर कभी उससे मुलाकात नहीं हो सकी।

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