आठ साल की बच्ची से हाफमाइंड अधेड़ ने की दरिदंगी
यमुनापार के मेजा इलाके में मंगलवार आधी रात घर के बाहर सो रही आठ साल की बालिका को खेत में ले जाकर 42 साल के एक व्यक्ति ने दरिंदगी कर डाली। लड़की की चीख सुनकर घर से भागते हुए खेत में पहुंचे परिजन उसे लहूलुहान देख स्तब्ध रह गए।
उन्होंने हवस में अंधे व्यक्ति को दबोचकर जमकर पीटा। फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसने बताया कि वह कानपुर का रहने वाला है।
अपने दोस्त के यहां मिर्जापुर जाते समय ट्रेन से उतरकर मेजा में भटकने लगा। उसकी मानसिक हालत भी सही नहीं है। बालिका को अस्पताल भेजा गया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
खून से लथपथ मिली बच्ची
आठ साल की यह बच्ची कक्षा एक की छात्रा है। मंगलवार रात परिवार के लोगों के साथ वह भी घर के बाहर दरवाजे के पास लेटी थी। वह दादी के साथ चारपाई पर थी। रात में मौसम खराब होने पर परिजन घर के भीतर चले गए मगर दादी उसके साथ बाहर ही सोई रही। आधी रात बाद अचानक परिजनों को बेटी की चीख सुनाई दी तो उनकी नींद टूटी।
वे घर के बाहर भागे। बालिका दादी के पास नहीं थी। खोजते हुए घर से कुछ दूर पर खेत की ओर पहुंचे तो वहां बच्ची बेहाल पड़ी दिखी। उसके पास ही एक व्यक्ति भी खड़ा था। तब तक शोर सुनकर गांव वाले भी जुट गए थे।
लोगों ने उस व्यक्ति को दबोचा और जमकर पिटाई कर मेजा थाने में सूचना दी। एसओ सुरेश सैनी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बालिका को महिला पुलिस के साथ शहर में डफरिन अस्पताल भेजा गया। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम लालमणि और पता कानपुर जनपद में संपतियापुर गांव बताया।
उसने कहा कि वह चार रोज पहले ट्रेन से मिर्जापुर में अपने दोस्त के पास जाने को रवाना हुआ था मगर ऊंचडीह स्टेशन पर उतरकर मेजा में भटकने लगा। तब से वह स्टेशन पर सोता और लोगों से मांगकर खा रहा था। पूछताछ में पुलिस को वह दिमाग से कमजोर लगा मगर उसकी हैवानियत ने बालिका के परिजनों के साथ ही हर किसी को दुख और गुस्से से भर दिया है।