बरेली दंगाः हैदराबाद से हुआ था फेसबुक पोस्ट!
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बरेली में हुई हिंसा के तार अब हैदराबाद से जुड़ते दिख रहे हैं। बरेली दंगा मामले में जांच कर रही पुलिस टीम को इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
जिस फेसबुक पोस्ट के बाद बरेली के मीरा की पैंठ में धार्मिक दंगे भड़के थे उसकी जांच में सामने आया है कि हैदराबाद के कुर्मागुडा और मदन्नापेट से ये फेसबुक पोस्ट किए गए थे।
साइबर क्राइम देखने वाले अधिकारी अब इस मामले में प्रतिबंधित संगठन सिमी के हाथ होने की आशंका की भी जांच कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि फेसबुक वाल पर की गई टिप्पणी के चलते मीरा की पैंठ में हुए बवाल के मामले गिरफ्तार आरोपी को पोस्ट शेयर करना महंगा पड़ गया। आरोपी ने जिस फ्रेंड की टिप्पणी को शेयर किया था वह साइबर सेल से भी तेज निकला और उसने गिरफ्तार आरोपी को अपनी फ्रेंडलिस्ट से अनफ्रेंड कर दिया है।
फेसबुक पोस्ट के बाद भड़का था धार्मिक दंगा
ऐसे में साइबर सेल के पास टिप्पणी पोस्ट करने वाले आरोपी का नाम तो है लेकिन उसकी डिटेल नहीं मिल पा रही है। हालांकि साइबर सेल ने फेसबुक वाल पर टिप्पणी पोस्ट करने वाले आरोपी के लिए कैलिफोर्निया से जानकारी मांगी है जो इस महीने के आखिर तक मिलने की संभावना है।
डिटेल आने के बाद उस पर मुख्य आरोपी के रूप में कार्रवाई हो सकती है। पुलिस 30 जुलाई की रात मीरा की पैंठ में बवाल की वजह बने असली गुनाहगार की तलाश में लगी है। गिरफ्तार आरोपी पर विवादित टिप्पणी को शेयर करने का आरोप होगा।
साइबर सेल की जांच में फेसबुक वाल पर टिप्पणी पोस्ट करने वाले आरोपी का नाम आ गया है लेकिन बवाल के बाद उसने गिरफ्तार आरोपी को अनफ्रेंड कर दिया है। ऐसे में पुलिस को उसकी डिटेल नहीं मिल पा रही है। वहीं घटना के बाद शेयर करने के आरोपी ने भी पोस्ट की डिटेल डिलीट कर दी है।
कश्मीर कनेक्शन से अफसरों का इनकार
फेसबुक पर सर्च करने पर उस नाम के करीब डेढ़ हजार फेसबुकियों की प्रोफाइल खुल रही है लेकिन गिरफ्तार आरोपी की फ्रेंडलिस्ट में न होने के कारण असली आरोपी का पता नहीं चल पा रहा है। इन डेढ़ हजार फेसबुक एकाउंट होल्डर्स में से किस युवक ने यह हरकत की है, इसकी जानकारी कैलिफोर्निया स्थित फेसबुक मुख्यालय से मांगी गई है।
यह भी पूछा गया है कि कितने लोगों ने इस पोस्ट पर क्या टिप्पणी की है। वहीं, खुफिया विभाग ने अपनी रिपोर्ट में पार्षद समेत ग्यारह लोगों के नाम दिए हैं। आरोपियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस सही मौके की तलाश कर रही है।
उधर पुलिस अधिकारी किसी भी आरोपी का कश्मीर या सिमी के कनेक्शन होने से साफ इनकार कर रहे हैं। मंगलवार को खुफिया विभाग ने पुलिस के आला अफसरों को जो रिपोर्ट दी है, उसमें उन ग्यारह खुराफातियों के नाम शामिल हैं, जिनका जेल जाना तय है।
अब उनके पकड़ने के लिए पुलिस को सही समय का इंतजार है। फेसबुक पर आरोपी के एकाउंट की सच्चाई जानने के लिए टीम लगी हुई है। मंगलवार की रात को खुराफातियों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनाई गई थी, लेकिन रात तक किसी भी आरोपी के घर दबिश की कार्रवाई नहीं की गई है। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा बवाल कराने के आरोपियों का कनेक्शन कश्मीर से जोड़ने की बात को बकवास बता रहे हैं।