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बैंक डकैती: सड़क पर छटपटाती रहीं जिंदगी

Fri, 23 May 2014 05:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 23 May 2014 05:47 PM IST
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Bank robbed, set afire in Agra

आग की लपटों में घिरीं 11 जिंदगी, दम घोटने वाला धुएं का गुबार, बैंककर्मियों और ग्राहकों की चीखें और मदद की गुहार... जिसने सुना, उसका दिल दहल गया।

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फिर तो न कदम रुके और न हाथ। दमकल की गाड़ियां आग बुझा रही थीं और लोग दूसरे जिंदगियां बचा रहे थे। शहर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत अभी जिंदा है। ये अलग बात है कि यह सब देखने के बाद भी खाकी का दिल नहीं पसीजा। हाथ पर हाथ रखकर वह ‘तमाशा’ देखते रहे।
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गुरुवार दोपहर को सूरज अपने पूरे शबाब पर था। झुलसा देने वाली इस गर्मी से बचने के लिए कोई अपने घर तो कई अपनी दुकान में बैठा था। जिनको काम था, सिर्फ वही सड़क पर दिख रहा था।
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जान की परवाह किए बगैर लोगों को बचाया

Bank robbed, set afire in Agra

दोपहर लगभग तीन बजे सदर क्षेत्र, कोठी नंबर 42 स्थित विजया बैंक से आसपास के लोगों ने धुआं उठते देखा। अंदर से चीखें भी आ रही थीं। फिर क्या था...पहले एक...फिर दो और फिर अनगिनत लोग बैंक के गेट पर पहुंच गए।

अंदर से दर्दनाक आवाजें बढ़ती ही जा रही थीं। तभी कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और बैंक के गेट पर लगे ताले को तोड़ दिया। यह वही ताला था जो थोड़ी देर पहले आधा दर्जन से अधिक बदमाश बैंक से लगभग 30 लाख रुपये लूटने के बाद लगा गए थे।

लगभग सवा तीन बज चुके थे। दमकल कर्मियों ने भी अपने पूरे बंदोबस्त के साथ मोर्चा संभाल लिया। आग की लपटों को शांत करने के लिए पानी डालना शुरू किया। इधर, लोगों ने भी अपनी जान की परवाह किए बगैर, आग में फंसे लोगों को बचाने की कवायद शुरू कर दी।

पुलिसकर्मियों के भरोसे रहते तो क्या होता?

Bank robbed, set afire in Agra

स्थानीय लोगों ने एक-एक कर दम घुटने से बेहोश हो चुके लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। हालांकि इस बीच पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच चुके थे, लेकिन वह सिर्फ भीड़ को हटाने में जुटे रहे। आखिर में जरूर कुछ पुलिस अधिकारियों ने लोगों के हाथ से हाथ मिलाते हुए मदद में जुटे।

स्थानीय लोगों की इस हिम्मत के चलते आग में फंसे लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। अगर, पुलिसकर्मियों के भरोसे रहते तो शायद देर हो जाती।

दरअसल, हमारी सरकारी मशीनरी कितना एक्टिव है, बैंक में डकैती और आगजनी की घटना से खुलासा हो गया। आसपास के लोगों ने अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर आग में फंसे लोगों को बचाया, लेकिन सड़क पर छटपटाती इन जिंदगियों को बचाने के लिए एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं थी।

दमकल कर्मियों की फूल गईं सांसें

Bank robbed, set afire in Agra

आलम यह था कि आग से झुलसे लोगों को टेंपो से एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचाया गया। सदर क्षेत्र में विजया बैंक को आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने लूटपाट के बाद आग में झोंक दिया। बैंक कर्मचारी समेत कई लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे।

अंदर फंसे लोगों को बाहर तो निकाल लिया, लेकिन उन्हें अस्पताल ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। सूचना के 20 मिनट के भीतर दमकल की गाड़ियां तो पहुंच गईं, लेकिन एंबुलेंस एक घंटे बाद तक नहीं पहुंची। हालांकि पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।

लोगों ने कई बार फोन किया तब कहीं जाकर एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसी बीच लगभग चार बेहोश लोगों को टेंपो से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से लोगों में रोष दिखा।

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