नकाबपोश बदमाशों ने यूं लूटे बैंक से 9 लाख
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इलाहाबाद में बदमाशों ने दिनदहाड़े बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में धावा बोल दिया। दो बाइक से आए पांच नकाबपोशों ने बैंक कर्मियों को घायल कर बाथरूम में बंद कर दिया और नौ लाख 14 हजार 340 रुपये लेकर भाग निकले।
घटना उतरांव थाना क्षेत्र के मुगरसन की है। यहां बदमाशों के जाने के बाद बैंक में मौजूद सराय इनायत के प्यारेपुर के प्रमोद यादव ने कर्मियों को बाथरूम से निकाला और पुलिस को खबर दी।
मौके पर एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी क्राइम, एसपी गंगापार, सीओ हंडिया समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई। फील्ड यूनिट के प्रभारी प्रेम नारायण भारती ने बैंक से फिंगर प्रिंट लिए और डॉग स्क्वॉयड को भी बुलाया गया। पूछताछ और तमाम तहकीकात के बावजूद लूट के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका।
दो बाइक से आए थे पांच नकाबपोश बदमाश
बैंक में लूट दोपहर ढाई बजे के आसपास की गई। भोजनावकाश के दौरान दोपहर दो से ढाई बजे तक बैंक का दरवाजा बंद था। जैसे ही दरवाजा खोला गया प्रमोद यादव भीतर आए। कुछ ही देर में पांच नकाबपोश भी भीतर घुस गए।
उनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। लुटेरों ने तमंचा और चाकू दिखाते हुए मैनेजर श्रीराम मौर्य, असिस्टेंट मैनेजर विवेक सिंह, कैशियर अशोक मिश्रा को घेर लिया।
विवेक और अशोक ने बच निकलने की कोशिश की तो बदमाशों ने तमंचे की बट और चाकू से वार कर दिया। अशोक के पेट में चाकू और विवेक के हाथ में तमंचे के वार से घाव हो गए।
न सीसीटीवी, न सिक्योरिटी गार्ड
फिर एक बदमाश ने चाकू दिखाकर घायल प्रमोद को काबू में कर लिया। डकैतों ने स्ट्रांग रूम और कैश काउंटर से रखे रुपये समेटे और पांच मिनट के भीतर ही चिखड़ी परवेजाबाद की ओर भाग निकले।
यह अभी पता नहीं चल सका है कि स्ट्रांग रूम पहले से खुला था या बैंक अफसरों से जबर्दस्ती उसे खुलवाया गया। भागते वक्त बदमाश बैंक का लैपटॉप तोड़ गए। तीन बदमाश काले रंग की पल्सर से थे जबकि दूसरी बाइक के बारे में पता नहीं चल सका है। नकाबपोशों के भागने के बाद कई और ग्राहक भी बैंक पहुंच गए थे।
बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मुगरसन शाखा में न तो सीसीटीवी लगे हैं, न ही सायरन सिस्टम लगा है। किसी सुरक्षा कर्मी की तैनाती भी नहीं है। बैंक में सिपाही ओम प्रकाश राय की ड्यूटी लगी थी लेकिन वह भी घटना के वक्त मौजूद नहीं था।
रजिस्टर पर नहीं पुलिस वालों के दस्तखत
जब बदमाश भाग निकले तो पुलिस मौके पर पहुंची और इधर-उधर दबिश डालती रही। एसएसपी मंजिल सैनी ने बाजार में कई लोगों से बातचीत कर बदमाशों का हुलिया लिया लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिल सका। एसएसपी ने सिपाही ओम प्रकाश और शिवबरन से भी पूछताछ की।
बैंक कर्मियों का आरोप है कि पुलिस कर्मी ड्यूटी पर नहीं आते। बैंक के रजिस्टर में 23 नवंबर 2013 से किसी भी सिपाही के हस्ताक्षर नहीं हैं। एसएसपी ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है। रिपोर्ट मिलने पर सिपाहियों पर कार्रवाई हो सकती है।
एसएसपी मंजिल सैनी ने लूट की घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें गठित कर दी हैं। फूलपुर और थरवई थाने की पुलिस भी जाsंच में सहयोग कर रही है।