बैंगलुरू से हत्थे चढ़े अलकायदा के चौथे संदिग्ध से खुलेंगे बड़े राज
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आतंकी संगठन अलकायदा के खिलाफ चले अभियान में बेहद चौकाने वाली गिरफ्तारी हुई है। दिल्ली की स्पेशल सेल ने मौलाना अंजार शाह कास्मी नाम के संदिग्ध को बैंगलुरू से गिरफ्तार किया है। यानी आतंकी संगठन के तार बैंगलुरू से जुड़े होने पर शक गहरा गया है।
इससे पहले अलकायदा के तीन संदिग्ध गिरफ्तार हो चुके हैं। अंजार शाह चौथा शख्स है, जिससे जांच एजेंसियों को खुफिया जानकारियां हासिल हो सकती हैं।
संदिग्ध मौलाना को बैंगलुरू के जयनगर से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह पहले गिरफ्तार हो चुके संदिग्ध आसिफ के घर गया था।
संदिग्ध मोहम्मद आसिफ को यूपी के संभल से पकड़ा गया था। उसके बाद जफर मसूद और अब्दुल रहमान नामक संदिग्ध गिरफ्तार किए गए थे।
आईएसआई से भी जुड़े हो सकते हैं तार
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मौलाना एक वक्त बैंगलुरू की तिलकनगर स्थित मस्जिद में नौकरी करता था लेकिन जब उसने महिलाओं के खिलाफ उग्र भाषण दिया तो उसे वहां से निकाल दिया गया था। लेकिन उसके भाषणों से जांच एजेंसियों के काम खड़े हो गए।
मौलाना ने उग्र भाषणों को देना जारी रखा जबकि मस्जिद से उसे युवाओं को भड़काने के खिलाफ सावधान भी किया गया था। सूत्रों के मुताबिक उसे अपनी हरकतों के चलते दो बार मस्जिद की नौकरियों से हाथ धोना पड़ा।
संदिग्ध मौलाना ने दारुल उलूम देवबंध से पढ़ाई की है। बताया जाता है कि बैंगलुरू में बड़ी संख्या में मौलाना फोलोवर भी है। लेकिन जांच एजेंसियों को शक है कि भारत में मौलाना अलकायदा को स्थापित करने की मुहिम से जुड़ा हुआ है। उसके कंधों पर नौजवानों को आतंकी संगठन में शामिल करने की जिम्मेदारी है। जांच एजेंसियों की मानें तो मौलाना के तार आईएसआई से भी जुड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध मौलाना पाकिस्तान के मुफ्ती नाम के शख्स के साथ नियमित तौर पर टच में रहता था और इसे खाड़ी देशों से पैसा भी मिलता है।