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वहशी बन गए थे बलात्कारी, PM रिपोर्ट में खुलासा

Mon, 02 Jun 2014 07:16 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो /अमर उजाला, बरेली Updated Mon, 02 Jun 2014 07:16 PM IST
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Badaun gang rape, postmortem report

खून के थक्के लोथड़े के रूप में मलद्वार तक बहकर जमे हुए मिले। अंदरूनी भाग में चोट का ब्योरा बता रहा है कि इस बच्ची के साथ वहशियों ने क्रूरता की हद कर दी।

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बड़ी बहन के परीक्षण रिपोर्ट में चिकित्सक ने लिखा है कि सेक्सुअल आघात से इसका जननांग ऊपर,नीचे और दाहिनी ओर बुरी तरह क्षतिग्रस्त है।

जननांग नीला पड़ चुका था और खून से सना हुआ था एवं भीतर बहुतेरे आघात के निशान थे। वेजाइनल डिस्चार्ज का संकेत मिला है।

दोनों की रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी है और जीभ बाहर को निकली हुई मिली। दोनों के बांह, कमर और पैर समेत ऊपर से लेकर नीचे तक शरीर के कई हिस्सों पर खरोंचें हैं और त्वचा छिल गई है।

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नीला पड़ चुका था किशोरी का गुप्तांग

Badaun gang rape, postmortem report

यह नोचे - खसोटे जाने, घसीटे जाने आदि की ओर संकेत करते हैं। इससे साफ है कि दोनों बहनों ने दरिदों के चंगुल से बचने का प्रयास तो किया होगा लेकिन दरिंदे दोनों पर टूटे थे।

वहीं, दोनों चचेरी बहनों को सामूहिक दुष्कर्म के बाद पेड़ से लटकाकर मार डालने की घटना के बाद से पीड़ित के घर तमाम नेताओं का आना-जाना लगा है। हर कोई घटना पर अफसोस जताने के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कह रहा है लेकिन विरोधियों पर तंज कसने से भी नहीं चूक रहा।

सुरक्षा के तामझाम और मीडिया की मौजूदगी ने पीड़ित परिवार को इतना भी वक्त नहीं दिया कि वे एक-दूसरे को तसल्ली दे पाते। परिवार के लोग एक-साथ बैठकर शोक व्यक्त कर पाते। जब भी कोई बड़ा नेता आया, उसने सहानुभूति के दो शब्द कहे तो जरूर परिवार के लोगों की आंखों से आंसू बहे लेकिन तब भी वे कहां अपना दर्द बांट सके।

लड़कियों के साथ वहशियों ने क्रूरता की हद कर दी

Badaun gang rape, postmortem report

यूपी के बदायूं जनपद के कटरा सआदतगंज में गैंगरेप के बाद पेड़ पर लटकाकर मार डाली गई नाबालिग बहनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्रूरता की कहानी कह रही है।

इनके शरीर के बाहरी और भीतरी अंगों पर चोटों के निशान का जो ब्योरा चिकित्सकों ने लिखा है, उससे एक बात तो साफ होती है कि यह सिर्फ 12 - 14 साल के लड़कों की करतूत नहीं हो सकती। दूसरे बलात्कारियों की उम्र इससे कहीं अधिक रही होगी।

रिपोर्ट में 12 साल की छोटी बहन के बारे में परीक्षण करने वाले चिकित्सक ने लिखा है कि किशोरी का गुप्तांग नीला पड़ चुका था, उसके बाहर - भीतर खून के थक्के जमे हुए थे। कौमार्य की झिल्ली टूट गई थी, छिल गई थी और खून के थक्कों में कई हिस्सों में अलग - थलग सनी हुई थी।

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