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EXCLUSIVE: सिर खोले बिना ही कर दिया था पोस्टमार्टम

Mon, 30 Jun 2014 10:29 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, बदायूं
ब्यूरो /अमर उजाला, बदायूं Updated Mon, 30 Jun 2014 10:29 AM IST
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Badaun gang rape, postmortem report
बदायूं में कटरा सआदतगंज कांड में दोनों बहनों के शवों का पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों का पैनल भी सीबीआई के रडार पर आ गया है। जांच एजेंसी की सहयोगी फॉरेंसिक टीम ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई खामियां पकड़ी हैं।
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फॉरेंसिक टीम ने माना है कि संगीन मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खानापूरी की गई है। इस सिलसिले में सीबीआई अब तक कई बार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल से पूछताछ कर चुकी है।
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बता दें कि 28 मई को दोनों बहनों का पोस्टमार्टम डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. पुष्पापंत त्रिपाठी ने किया था। दोनों लड़कियों का पोस्टमार्टम रात में 7.05 बजे से 9.15 बजे तक चला था।
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फॉरेंसिक टीम ने रिपोर्ट में कई खामियां पकड़ीं

Badaun gang rape, postmortem report

डॉक्टरों को छोटी लड़की के पोस्टमार्टम में 50 और बड़ी के पोस्टमार्टम में 40 मिनट का वक्त लगा। गौर करने वाली बात यह है कि डॉक्टरों ने दोनों बहनों के साथ रेप की पुष्टि तो की लेकिन कई तकनीकी खामियां छोड़ दी।

खामियों को पहले स्टेट फॉरेंसिक टीम और बाद में सेंट्रल फॉरेंसिक टीम ने पकड़ा और खामियों की लिस्ट सीबीआई को थमा दी।

बड़ी लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा गया है कि उसके गुप्तांग के नीचे जख्म है। उसकी कौमार्य झिल्ली पर सूजन की बात तो लिखी है लेकिन ये झिल्ली क्षतिग्रस्त है या नहीं, इसका जिक्र नहीं है।

बेमन से किया पोस्टमार्टम!

Badaun gang rape, postmortem report

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जननांग से द्रव निकलने की बात कही गई है लेकिन ये रक्त है या कुछ और यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है। छोटी लड़की के मामले में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उलझी हुई है।

डॉक्टरों के पैनल ने दोनों लड़कियों के मरने की वजह दम घुटना बताई है लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान उनके सिर को खोलकर मस्तिष्क की लालिमा को नहीं देखा गया। जानकारों के मुताबिक मौत की वजह स्पष्ट करने में इसकी अहम भूमिका होती है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फॉरेंसिक टीम की ओर से पकड़ी गई विसंगतियों की असल वजह डॉक्टरों को बेमन से ड्यूटी करना है।

जल्दबाजी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की

Badaun gang rape, postmortem report

पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल दोनों पुरुष डॉक्टर जिला मुख्यालय पर न रहकर बरेली से अप-डाउन करते हैं। घटना वाले दिन इन्होंने दिन में ड्यूटी की थी।

शाम को वह बरेली निकलने वाले थे। शाम पांच बजे के बाद पोस्टमार्टम सामान्य रूप से होते भी नहीं हैं। ऐसे में जब रात में उन्हें अचानक पोस्टमार्टम करने का आदेश मिला तो वह झुंझला गए।

डॉक्टरों ने जल्दबाजी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और रिपोर्ट तैयार करके चले गए।

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