प्रेमी जोड़े ने नवरात्र में किया एक बड़ा पाप!
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वह तो गनीमत कि लोगों की नजर पड़ गई। पुलिस और चाइल्ड लाइन को बुला लिया गया।
जांच-पड़ताल के बाद दो दिन की मासूम को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि प्रेमी जोड़े के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची का भविष्य अब बाल कल्याण समिति के निर्णय पर टिका हुआ है।
जिंदा दफन होने से बच गई एक नन्ही परी
वाकया कुछ इस तरह है कि सारसौल चौकी से आगे वैशालीपुरम इलाके में एक मकान में युवती किराये पर रहती है। वहीं उसके एक शादीशुदा दो बच्चों के बाप से संबंध हो गए।
शादीशुदा प्रेमी भी उसी मकान में परिवार सहित किराये पर रहता था। एसओ बन्नादेवी के अनुसार पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि युवती इन संबंधों के चलते जब गर्भवती हुई तो जानकारी देरी से आया और वह गर्भपात नहीं करा सका।
इसके बाद उसने 4 अप्रैल को बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को कुंवारी मां कहां और कैसे रखे। यह सोचकर सभी परेशान थे।
खेत में दफन कर रहे थे बच्ची को
कोई निर्णय सामने न आने पर रविवार दोपहर वह मोहल्ले में ही एक खेत में बच्ची को कपड़े के थैले में लेकर दबाने के लिए चल दिए। साथ में नमक व लौंग भी ले लीं, ताकि दफन होने के बाद किसी तरह की बदबू न आए।
इनकी मदद में एक अन्य व्यक्ति भी आया। तीनों लोग गड्ढा खोद रहे थे, तभी कुछ लोगों की नजर पड़ गई और शक होने पर तीनों को बच्ची सहित दबोच लिया गया।
पहले पुलिस को खबर दी गई और फिर चाइल्ड लाइन को भी बुला लिया गया। पुलिस युवती और उसके साथ मौजूद कमलेश व देवेंद्र नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाने ले आई।
चाइल्ड लाइन के हवाले हुई बच्ची
बच्ची को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया है। चाइल्ड लाइन के ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
वही बच्ची का भविष्य तय करेगी। कोई अगर बच्ची को गोद लेना चाहता है तो उसे समिति के सामने आवेदन करना होगा।
एसओ बन्नादेवी के अनुसार युवती व दोनों व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।