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आसाराम केस: चेलों ने 30 हजार में की हत्या

Fri, 23 Oct 2015 03:50 PM IST
Updated Fri, 23 Oct 2015 03:50 PM IST
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asaram's cook akhil killed for 30 thousand rupees

आसाराम बापू के रसोइये अखिल गुप्ता की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर में आसाराम के ही दो चेलों ने महज 30 हजार रुपये में अखिल की जान ले ली थी।

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गवाहों पर हमलों की साजिश के सूत्रधार वासु और ज्योति ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के सामने यह राज उगला है। हालांकि असली कातिलों तक अभी पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
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यह भी हैरतअंगेज है कि नौ माह पहले हुए सनसनीखेज मर्डर में स्थानीय पुलिस कोई सुराग लगा पाने में नाकाम रही है।

बापू के दो यूपी के चेलों ने लिया जिम्मा

asaram's cook akhil killed for 30 thousand rupees

बंगलूरू से हिरासत में लिए गए दंपति सेजल उर्फ ज्योति प्रजापति और वासु से पूछताछ में मिली जानकारियां चौंकाने वाली हैं। देश में कई जगह गवाहों पर हुए हमले की साजिश में बड़ी रकम का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

दस साल तक अहमदाबाद आश्रम में आसाराम का रसोइया रहे शहर के नरेश गुप्ता के बेटे अखिल की सिर्फ 30 हजार रुपये में जान ले ली गई।

बापू और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों में गवाह बने पुराने अनुयाइयों को रास्ते से हटाने की योजना सूरत आश्रम में बनाई गई थी। सूरत आश्रम के संचालन का जिम्मा जिस प्रवीण नाम के युवक पर था, उसी ने पूरा प्लान बनाया और हत्यारों को तैयार किया।

अखिल गुप्ता सूरत की दो बहनों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में सरकारी गवाह बन गया था। प्रवीण ने बापू के दो चेलों दिल्ली के संजय उर्फ अंकित एवं इलाहाबाद के कार्तिक को औरंगाबाद बुलाया और अखिल को ठिकाने लगाने का जिम्मा दिया।

उन्हें दो बार में 30 हजार रुपये की रकम दी गई। 11 जनवरी को हत्या से दो दिन पहले प्रवीण खुद दिल्ली आया था और 20 हजार रुपये उसी दिन दे गया। दस हजार रुपये औरंगाबाद में ही अदा कर दिए गए थे।

कृपा के लिए आसाराम की सेवा में जाता था अखिल

asaram's cook akhil killed for 30 thousand rupees

आसाराम की कृपा के लिए अखिल उनकी सेवा में समर्पित हो गया था। वर्ष 1997 में वह बापू के सत्संग में जाया करता था। अपने व्यवहार से बापू के दिल में जगह बनाई और उनका खास रसोइया बन गया।

वर्ष 2008 में आश्रम की ही एक अनुयाई वर्षा से अखिल की शादी हुई। बापू से भी गृहस्थ जीवन के लिए आशीर्वाद लिया गया। मुकदमे में सरकारी गवाह बनने पर वह निशाने पर आ गया।

परिवार के इकलौते बेटे की हत्या से घर की खुशियां उजड़ गई हैं। हर समय जान का खतरा है। घर पर पुलिस पिकेट लगी है। अखिल को किसने मारा, ऐसे ही अनगिनत सवाल परिवार के लिए रहस्य बने हुए हैं।

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