सहकर्मी की पत्नी पर आया था जवान का दिल, गई नौकरी
चेन्नई में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण की बेंच ने जिला न्यायालय के उस फैसले कायम रखा जिसमें सेना के एक जवान को सहकर्मी की पत्नी से छेड़छाड़ के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था।
अदालत ने कहा कि जवान ने वाकई में शर्मसार करने वाली वारदात को अंजाम दिया है जबकि सशस्त्र बलों से लोगों को अच्छे व्यवहार की उम्मीद होती है।
छेड़छाड़ के आरोप में नौकरी गंवाने वाले जवान का नाम है मरलिन एस राज। राज सेना के आतंकवाद विरोधी बल में एक कंप्यूटर कंसोल ऑपरेटर के पद पर काम कर रहा था। राज ने साल 2013 में ट्रेन से सफर करते वक्त सहकर्मी की पत्नी से छेड़छाड़ की थी।
'महिला ने इशारे कर अपने पास बुलाया था'
राज इस मामले में साल भर की सश्रम कारावास की सजा भी काट चुका है। राज का कहना है कि उसे इस मामले में जबरन फंसाया गया है। उसकी कई गलती नहीं थी।
राज ने बताया कि साल 2013 में जब उत्तर संपर्क क्रांति ट्रेन से वो सफर कर रहा था तो सेना में गनर संतोष (बदला हुआ नाम) की पत्नी शांति (बदला हुआ नाम) ने उसे इशारे से पास बुलाया और फिर अपने पति के साथ मिलकर मुझे इस झूठे मामले में फंसा दिया।
वहीं शांति का कहना है कि जव राज ने इस वारदात को अंजाम दिया था उस वक्त ट्रेन में अंधेरा था। वो इस गलतफहमी में थी कि उसका पति संतोष उसके साथ उसकी बर्थ पर है।
उधर राज के वकील कहना है कि कोर्ट ने राज के खिलाफ सही आरोप तय करने में विफल रही है। क्योंकि राज और पीड़ित की मेडिकल जांच में उसके शरीर पर किसी भी प्रकार के जख्म या निशान नहीं मिले थे। केवल शिकायत के आधार पर राज को दोषी करार दिया गया।