बैंको को शातिराना ढंग से लूटता था ये गैंग
मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो बिना किसी सुराग छोड़े तीन साल में तीन बैंकों को लूटने में कामयाब रहा है। यह गिरोह अब तक करीब एक करोड़ रूपया उड़ा चुका है। मिड-डे में छपी एक खबर के अनुसार, पुलिस ने ओडिशा निवासी एक शख्स ऋषिकेश बारिख को गिरफ्तार किया है। उसे कैनरा बैंक के सीसीटीवी कैमरा फुटेज के आधार पकड़ा गया।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि ऋषिकेश बारिख ने कैमरे से बचने के लिए अपना मुंह छाते से ढंक रखा था। बैंक में प्रवेश करने के बाद आरोपी टहलता हुआ सेफ के पास गया और डुप्लीकेट चाबी की मदद से उसे खोल लिया।
पुलिस को तीन अगस्त के सीसीटीवी फुटेज से बारिख के बारे में जानकारी मिली। जिसमें वह बैंक के बाहर एक चाबी बनाने वाले से मिलता पाया गया। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सारे चाबी बनाने वाले की जांच की और फिर इरफान शेख (32) को पुलिस ने पकड़ने में कामयाबी पाई और उसकी निशानदेही पर बारिख को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए
पुलिस ने इस शातिर गिरोह के युसूफ महबूब खान (36), इरफान शेख (32) और गिरोह के सरगना ऋषिकेश बारिख को गिरफ्तार कर और पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले में अगर कोई बैंक कर्मचारी भी शामिल है तो उसका भी खुलासा हो सके।
इस गिरोह पर 2011 से अब तब दो से ज्यादा बैंकों में चोरी किए जाने का आरोप है। इन्होंने अभी 25 अगस्त को कैनरा बैंक से 55 लाख रुपये की चोरी की थी। इसी के बाद से पुलिस ने इनको अपने रडार पर ले लिया था।
इसके अलावा भी इन पर दादर के दो बैंकों में भी चोरी का आरोप हैं। सितंबर 2012 में इस गिरोह ने शिवाजी पार्क के देना बैंक की तिजोरी से 30 लाख रूपया चुरा लिया जबकि जून में दादर के यूनियन बैंक से 15.2 लाख लूट लिया था।
रेनकोट पहन कर किए गए एक ही तरह से सभी वारदात के बाद पुलिस ने जांच करी और इन्हें पकड़ने में कामयाबी पाई। सभी शातिरों को सितंबर 12 तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।