छात्र नेता को दस साल कैद की सजा, जानलेवा हमले में दोषी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के इलाहाबाद के छात्र नेता अभिषेक सिंह सोनू पर हुए कातिलाना हमले में अदालत ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री अभिषेक सिंह माइकल सहित कुल चार लोगों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वाले अन्य लोगों में अंशू पाठक, सचिन सिंह और उमेश सिंह शामिल हैं।
इन सभी को 10-10 साल की कैद के साथ 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकुशल ने एडीजीसी राजेश गुप्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सजा का आदेश दिया।
छात्र नेता अभिषेक सिंह सोनू और अभिषेक माइकल के बीच छात्रसंघ चुनाव के समय से ही रंजिश चल रही थी। 16 जुलाई 2012 को दोपहर 12 बजे दिन में महिला छात्रावास के समीप लल्लाचुंगी पर अभियुक्तों ने सोनू सिंह को गोली मार दी थी। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
तीन और गुनहगारों को सजा
सोनू सिंह के भाई अनिमेष सिंह मोनू ने उसी दिन रिपोर्ट दर्जं कराई थी कि वह अपने भाई छात्र नेता अभिषेक सिंह सोनू को यूनिवर्सिटी छोड़ने जा रहा था, जैसे ही लल्लाचुंगी के पास महिला छात्रावास के सामने पहुंचा कि राजनीतिक रंजिश के कारण छात्रनेता अभिषेक सिंह माइकल, अंशू पाठक, सचिन सिंह और उमेश सिंह ने अचानक सामने आकर गाड़ी रोक ली और गाली देने लगे।
इतने में उमेश सिंह ने मेरे भाई को पकड़ लिया और माइकल ने तमंचे से उसके पेट में गोली मार दी। बीच बचाव में आए सत्यवीर सिंह को भी मारपीट कर चोटें पहुंचाईं । विवेचना बाद पुलिस ने आरोप पत्र भेजा था। मामले में अभियुक्त माइकल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी और मुकदमे के त्वरित निस्तारण का आदेश दिया गया था।
अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए कुल सात गवाह पेश किए। आरोप साबित होने पर आईपीसी की धारा 307 के तहत माइकल सहित चारों अभियुक्तों को दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। चारों को मारपीट करने में एक-एक साल और गाली देने में छह-छह माह की सजा भी सुनाई गई है।