यूपी: शादी कराने के बहाने घरवालों ने किया प्रेमी-प्रेमिका का कत्ल
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साथ-साथ जीने-मरने की कसमें खा चुके नरेश और भारती की हत्या के लिए साजिश का ऐसा ताना बाना बुना गया कि दोनों को कातिलों के जाल में फंसने का जरा सा भी अहसास नहीं हुआ। दोनों को सपना दिखाया गया था उनकी शादी कराने का।
दोनों एक दूसरे के गले में फूलोंका हार पहनाने की सोच रहे होंगे। उन्हें क्या पता था कि मौत का फंदा कसने की तैयारी है। कातिलों ने नरेश को बुलाने के लिए फोन भी भारती से कराया। उसने कहा था कि जल्दी से आ जाओ, हमारा सपना सच हो गया, पापा राजी हो गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों के कत्ल की साजिश तीन दिन पहले ही तैयार हो गई थी। योजना के तहत भारती से शनिवार की शाम उसके परिवारीजनों ने कहा, बेटी तू जीत गई, हम हार गए, तेरा प्यार सच्चा है, तुझे कोई झुका नहीं पाया।
उसे बताया गया कि नरेश ऊंची जाति का है, उसका परिवार उनकी शादी के लिए कभी राजी नहीं होगा। इसलिए धौलपुर जाना होगा। वहां एक परिचित मंदिर में शादी करा देगा।
शादी कराने को ले गए धौलपुर
उससे कहा कि नरेश को फोन करके बुला लो। धौलपुर चलते हैं। जैसा उसे बताया गया था, उसने नरेश से वैसा ही कहा, तुम रोहटा रोड पर रोहताश के ढाबे पर मिलो। वह वहीं पर पहुंच गया।
यहां से दोनों को कार में लेकर वे लोग चल दिए। धौलपुर के मनिया इलाके के बोथपुर गांव में खेत में पहुंचते ही दोनों को कार से उतारा गया। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही भारती का गला उसी के शॉल से घोट दिया गया। यह देख नरेश विरोध करने लगा।
उसे पेट के नीचे जोर से लात मारी गई। वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। इसके बाद उसके चेहरे पर लात मारी गई। फिर उसकी साफी से उसका गला घोट दिया गया।
कातिलों ने गुस्से में भारती के मर जाने के बाद उसके चेहरे पर लात मारी। दोनों की हत्या के बाद कातिल कार से ही अपने घर लौट गए।
'काट डालो, पर उसी के साथ रहूंगी'
500 आबादी वाले छोटे से गांव नंगला लालजीत में कुशवाहा बिरादरी का बाहुल्य है। ठाकुरों के सिर्फ चार घर हैं। ठाकुर हुकुम सिंह के बेटे और मोबाइल कंपनी में सेल्समैन नरेश तथा हलवाई गिरिराज कुशवाहा की आठवीं पास बेटी भारती के प्रेम से उनके परिवार वाले नाराज थे।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों को कई बार समझाया गया लेकिन वे शादी की जिद पर अड़े थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि भारती और नरेश एक दूसरे से बेइंताह प्यार करते थे। दोनों शादी करने का एलान खुल्लम खुल्ला कर चुके थे। भारती केपरिवार ने उससे कहा कि वह अपना इरादा बदल ले, इस पर वह बोली, चाहें उसे काट डालो, लेकिन रहेगी उसी के (नरेश के) साथ।
व्हाट्स ऐप से खुला था प्यार का राज
नरेश और भारती एक दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन शुरू में चोरी छुपे मिलते थे। किसी को इसका पता नहीं था। गांव के लोगों ने बताया कि एक दिन भारती अपने मोबाइल में व्हाट्स एप पर नरेश से चैट कर रही थी। उसे देख लिया गया।
एक ही खेत में जलाई गई दोनों की चिता
नरेश और भारती के शव का दाह संस्कार उनकेगांव नगला लालजीत में सोमवार दोपहर किया गया। दोनों की चिता एक ही खेत में एक दूसरे से थोड़ी दूरी पर लगाई गई। इस दौरान सदर बाजार थाना की पुलिस भी मौजूद रही।
दाह संस्कार के दौरान ही यह सूचना गांव में आई कि भारती के पिता ने गुनाह कुबूल कर लिया है। इस पर उसके रिश्तेदार सन्न रह गए।
किसी ने दर्ज नहीं कराई रिपोर्ट
धौलपुर पुलिस ने दोनों के परिवारों को रविवार दोपहर उनकी हत्या की सूचना दी। इसके बाद दोनों परिवारों की प्रतिक्रिया बड़ी हैरान करने वाली रही। पुलिस ने पूछा कि रिपोर्ट कौन दर्ज कराएगा? तो दोनों परिवारों में से किसी ने जवाब नहीं दिया। पुलिस को अपनी ओर से केस दर्ज करना पड़ा। किसी ने भी तहरीर नहीं दी।