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लिंग परीक्षण न कराने पर पत्नी के गुप्तांग पर डाला तेजाब

Thu, 08 Aug 2013 02:11 AM IST
कानपुर/ब्यूरो
कानपुर/ब्यूरो Updated Thu, 08 Aug 2013 02:11 AM IST
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acid attack on wife in up

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पांच बेटियों के बाद फिर गर्भवती हुई पत्नी से लिंग परीक्षण कराने की जिद कर रहे पति ने इंकार करने पर ‘बच्चे पैदा करने लायक न छोड़ने’ की धमकी देते हुए उसके गुप्तांग पर तेजाब फेंक दिया।

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यही नहीं तेजाब से झुलसी पत्नी को चार दिन तक कमरे में बंधक बनाए रखा। तड़पती महिला की बड़ी बेटी ने किसी तरह अन्य परिजनों को सूचना दी तो इस घटना का पता चला। मायके वालों ने महिला को कानपुर लाकर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है।
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ये दर्दनाक दास्तान है कानपुर कैंट के कटहरीबाग निवासी यासीन की बेटी रेशमा (34) की। वर्ष 1998 में यासीन ने रेशमा का निकाह लखनऊ के कसाईबाड़ा निवासी ट्रैवेल एजेंसी संचालक नसीम के साथ किया था।
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शादी के बाद इनके पांच बेटियां तायबा, सना, इल्मा, ज़ुबी और ज़ारा हुईं। रेशमा ने बताया कि वह तीन माह से गर्भवती है। 25 जुलाई को नसीम ने उससे गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण कराने के लिए अल्ट्रासाउंड कराने का दबाव बनाया। रेशमा ने इंकार कर दिया।

बकौल रेशमा, उसे डर था कि अल्ट्रासाउंड में बेटी का पता चलने पर वह अबार्शन करा देगा। सास हाजरा खातून ने भी उससे जांच कराने की बात कही। आरोप है कि मना करने पर पति ने उसकी पिटाई की।

रेशमा ने बताया कि न मानने पर पति ने कभी बच्चा पैदा करने लायक न बनाने की धमकी दी। इसके बाद पति ने उसके गुप्तांग पर तेजाब डालने की कोशिश की। तेजाब उसकी जांघों पर पड़ा जिससे दोनों जांघ झुलस गईं।

वह चीखी-चिल्लाई तो ससुरालवालों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया। रेशमा का कहना है कि चार दिन तक वह कमरे में तड़पती रही। इसी दौरान बड़ी बेटी तायबा ने किसी तरह उसके मायकेवालों को फोन कर जानकारी दी।

पिता यासीन लखनऊ आए तो बेटी की हालत देखकर बिफर पड़े। बाजारखाला थाने में शिकायत करने की बात कही तो ससुरालवालों ने उनकी भी पिटाई कर दी। परिजनों की मदद से किसी तरह वह बेटी को लेकर थाने गए लेकिन पुलिस ने टरका दिया।

29 जुलाई को वह रेशमा को लेकर कानपुर आए और हैलट में भर्ती कराया। रेशमा यहां सर्जिकल वार्ड नंबर चार के बेड नंबर 38 पर भर्ती है। उसका उपचार कर रहे डॉक्टर ने बताया कि रेशमा की जांघ में ‘डीप बर्न’ हैं। समय से उपाचार न मिलने की वजह से ब्लड की भी कमी हो गई है।

इंसाफ लेकर रहूंगी
दूसरी बेटी पैदा होने के बाद से ही ससुरालवाले प्रताड़ित करने लगे थे। मारपीट से परेशान होकर अब्बू से शिकायत करने की सोचती तो बेटियों का चेहरा सामने आ जाता। उनके भविष्य की सोचकर चुप रह जाती। लेकिन अब इंतेहा हो गई है।


मैंने फैसला कर लिया है, चुप नहीं बैठूंगी। इंसाफ लेकर रहूंगी। कानूनी कार्रवाई की आशंका से उसके ससुरालवालों ने धमकाना शुरू कर दिया है। बुधवार शाम नसीम ने कई बार फोन करके गाली-गलौज की। उसने पुलिस से शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
रेशमा, पीड़ित महिला

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