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आरुषि केस के 5 साल, कब क्या हुआ?
टीम डिजिटल, ब्यूरो/अमर उजाला नोएडा
Updated Mon, 25 Nov 2013 03:52 PM IST
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नोएडा का आरुषि-हेमराज हत्याकांड लंबे वक्त तक उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक गुत्थी बना रहा। जांच में आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां डॉ. नूपुर तलवार पर दोनों की हत्या के आरोप लगे।
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पुलिस और सीबीआई को उलझाए रखने वाले इस केस में कब, क्या-क्या हुआ, इस पर एक नजर:
पढ़ें, आरुषि-हेमराज का हत्यारा कौन?
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16 मई, 2008: आरुषि तलवार अपने बेडरूम में मृत पाई गई। किसी धारदार हथियार से उसका गले पर वार किया गया था।
17 मई, 2008: डॉ. राजेश तलवार के नौकर हेमराज की लाश उनके घर के छत पर मिली।
23 मई, 2008: डॉ. राजेश तलवार को आरुषि और हेमराज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
31 मई, 2008: दोहरे हत्याकांड की जांच यूपी पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी गई।
जून, 2008: सीबीआई ने डॉ. राजेश तलवार के कम्पाउंडर कृष्णा को गिरफ्तार किया। इसके 10 दिन बाद डॉ. तलवार के दोस्त के नौकर राजकुमार और उनके पड़ोसी के नौकर विजय मंडल की गिरफ्तारी हुई।
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जुलाई, 2008: सीबीआई डॉ. राजेश तलवार के खिलाफ सबूत पेश नहीं कर पाई। कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
दिसंबर, 2010: सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की और डॉ. राजेश तलवार को मुख्य संदिग्ध माना। रिपोर्ट में कहा कि डॉ. तलवार के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
फरवरी, 2011: गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने डॉ. तलवार और उनकी पत्नी को कोर्ट में पेश होने पर उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। डॉ. तलवार पर तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगा।
मार्च, 2012: सीबीआई ने डॉ. राजेश तलवार की जमानत का विरोध किया।
अप्रैल, 2012: डॉ. नूपुर तलवार को गिरफ्तार किया गया।
मई, 2012: गाजियाबाद कोर्ट ने तलवार दंपत्ति पर हत्या, तथ्यों से छेड़छाड़ करने और साजिश रचने का आरोप तय किया।
सितंबर, 2012: डॉ. नूपुर तलवार जमानत पर रिहा हुईं।
अप्रैल, 2013: सीबीआई अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि तलवार दंपत्ति ने ही आरुषि और हेमराज की हत्या की है। सीबीआई ने बताया कि वो दोनों आपत्तिजनक हालत में पाए गए थे।
3 मई, 2013: बचाव पक्ष ने विशेष कोर्ट से सीबीआई के पूर्व निदेशक अरुण कुमार समेत 14 लोगों को गवाह के तौर पर बुलाने की अपील की। सीबीआई ने इस याचिका का विरोध किया।
6 मई, 2013: कोर्ट ने बचाव पक्ष की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार के बयान रिकार्ड करने का आदेश दिया।
13 मई, 2013: सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई के पूर्व निदेशक अरुण कुमार समेत 14 लोगों को गवाह के तौर पर बुलाने की डॉ. राजेश तलवार की अपील खारिज कर दी।
25 नवंबर, 2013: गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर को दोषी ठहराया।