सिपाही ने अपने ही भाई को मारी गोली
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बागपत के गांव हलालपुर में बुधवार दोपहर एक बजे किसान रविंद्र (37) की गोली मारकर हत्या कर दी। सूजती गांव निवासी उसके साले अरविंद को भी गोली मारी। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
वारदात की वजह 50 बीघा जमीन का विवाद है। इसकी एफआईआर में रविंद्र के चचेरे भाई और यूपी पुलिस में सिपाही वीरव्रत, उसके पिता सतेंद्र और दादा मथन सिंह को नामजद कराया।
सतेंद्र को छोड़ बाकी दोनों गिरफ्तार हो गए हैं। हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल बरामद की।
बड़ौत-टांडा मार्ग स्थित इस जमीन का विवाद रविंद्र के पिता हरपाल और मथन सिंह के बीच कोर्ट में चल रहा है। इसे लेकर दोनों परिवारों में रंजिश है।
कैसे हुआ विवाद?
कुछ दिन पहले मथन सिंह का नौकर चला गया। मथन सिंह ने कहा था हरपाल पक्ष ने नौकर को भगाया है। इसे लेकर दोनों में ठन गई। बुधवार को इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। आरोप है मथन सिंह पक्ष ने हरपाल पक्ष की महिलाओं को भी भला-बुरा कहा। इस पर दोनों पक्ष भिड़ गए।
इसी बीच वीरव्रत लाइसेंस राइफल निकालकर ले आया। हरपाल सिंह की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा वीरव्रत, सतेंद्र और मथन सिंह ने मिलकर गोलियां चलाईं। एक गोली रविंद्र को लगी।
दूसरी उसके साले अरविंद को। दोनों घायल हो गए। उन्हें सीएचसी बड़ौत ले गए। वहां रविंद्र को मृत घोषित किया। अरविंद को आस्था हॉस्पिटल में भर्ती कराया। सीओ रमाला राहुल मिठास ने बताया सिपाही वीरव्रत और मथन सिंह को पकड़ लिया है।
उनके पास से हत्या में इस्तेमाल राइफल बरामद हो गई है। तीसरे आरोपी की तलाश चल रही है।