किन्नर ने काटा दोस्त का गुप्तांग, फिर खुद ही लेकर पहुंचा अस्पताल
यूपी के मुरादाबाद में पैसों के लालच में अपने ही मित्र का गुप्तांग काटकर आरोप अपने उस्ताद पर लगा दिया। घटना को मूल रूप से मेरठ निवासी एक किन्नर ने सोमवार की रात अंजाम दिया। मंगलवार को खुद ही उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंच गया।
पुलिस को घटना की सूचना देकर अपने उस्ताद पर आरोप लगा दिया। दिन भर पुलिस मामले की जांच पड़ताल में लगी रही। शाम को घायल युवक के होश में आने के बाद पूरी कहानी सामने आई तो सभी अवाक रह गए।
किन्नर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी कहानी बनाई थी। अब पुलिस ने पीड़ित से किन्नर के खिलाफ तहरीर ली है। खबर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
घटनाक्रम के मुताबिक किन्नर मानवी उर्फ मेहताब निवासी मेरठ सोमवार की देर रात किसी समय अपने मित्र गोलू उर्फ अश्विनी (20) पुत्र देवेंद्र निवासी गांव पटोली बागपत को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा।
गोलू का गुप्तांग कटा हुआ था। काफी खून बह रहा था। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस को मानवी ने बताया कि उस्ताद प्रेमलता निवासी गांगन पर उसके 18 हजार रुपये निकलते हैं।
ग्राम प्रधान है प्रेमलता
जब सोमवार की रात आठ बजे वह पैसे मांगने गया तो उसने पैसे नहीं दिए। अभद्रता की और उसके मित्र का गुप्तांग काट दिया। पुलिस सुबह से प्रेमलता की तलाश कर रही थी।
गोलू को होश नहीं था इसलिए उसका बयान नहीं लिया जा सका। शाम को जब प्रेमलता थाने पहुंची तो उसकी पूछताछ की गई। प्रेमलता ने घटना से इनकार किया। पता किया तो मालूम पड़ा कि किन्नर प्रेमलता धनौरा के गांव नवाबपुरा भूड़ की ग्राम प्रधान हैं।
कई वर्षों से गांगन पर रहती हैं। गोलू को होश आने के बाद पुलिस ने उसका भी बयान लिया तो हकीकत सामने आई। गोलू ने बताया कि मानवी ने सोमवार की रात उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया।
उसके बाद उसके गुप्तांग का अग्रभाग काट दिया। उसे बेहोशी छा रही थी। खून बहने के कारण वह बेहोश हो गया। शाम को उसे होश आया। थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस को गुमराह कर पूरी झूठी कहानी बनाई गई।
जब उसके बयानों के आधार पर जांच की गई तो हकीकत सामने आई। गोलू से तहरीर ली जा रही है। मानवी के खिलाफ मुकदमा कायम किया जाएगा।
तीन वर्षों से कर रहा है शोषण
गोलू उर्फ अश्विनी अपने पिता का इकलौता बेटा है। उसने पूछताछ में बताया कि तीन साल पहले मानवी उसे पैसों का लालच देकर ले आया था। इसके बाद उसके साथ गलत काम किए।
वह पिछले तीन दिन से उसे कभी मेरठ, कभी गाजियाबाद, कभी मुरादाबाद लेकर घूम रहा था। सोमवार को वह उसे मुरादाबाद ले आया था। रात उसने कोई नशीला पदार्थ चाय में मिलाकर पिला दिया उसके बाद घटना को अंजाम दिया।
मानवी ने कहानी तो फिल्मी अंदाज में पुख्ता तरीके से बनाई थी। लेकिन अपनी जरा सी चूक में वह फंस गया। दरअसल जिस समय की घटना को बताते हुए मानवी ने प्रेमलता पर आरोप लगाया उस समय प्रेमलता किसी अस्पताल में थी।
पुलिस की छानबीन में पता लगा कि उस समय प्रेमलता शहर के एक चिकित्सक के यहां अपने एक परिचित को देखने गई थी। पुलिस ने चिकित्सालय में कई लोगों से बयान लिए।
इसके बाद मानवी का इतिहास टटोला गया तो पता लगा कि इससे पहले भी मानवी इस तरह के झूठे आरोप लगाकर कई लोगों से पैसे ठग चुका है। मानवी कई वर्ष पूर्व स्वयं अपना गुप्तांग काट कर किन्नर बनकर इस समाज में शामिल हो गया था। इसके बाद तमाम जगहों पर किन्नरों पर झूठे आरोप लगाकर उनसे पैसे ऐंठ लिए हैं।