आरुषि-हेमराज हत्याकांड जैसे 5 हाई-प्रोफाइल मामले

अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 25 Nov 2013 03:58 PM IST
5 high profile murder cases just like aarushi case
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आरुषि-हेमराज हत्याकांड एक ऐसी घटना है, जिसे लेकर देश में हड़कंप मच गया था। एक किशोरी और नौकर की हत्या की ऐसी गुत्थी, जिसे सुलझने में काफी वक्त लगा।
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पढ़ें, आरुषि-हेमराज का हत्यारा कौन?


यह अलग तरह का मामला जरूर है, लेकिन इकलौता नहीं है। देश में हत्या के ऐसे और भी कई हाई-प्रोफाइल मामले रहे, जिन पर देश भर की निगाह टिकी रही। ऐसे ही 5 मामलों पर एक नजरः

जेसिका लालः जब पार्टी में चली गोली

jessica lalदिल्ली में एक स्याह रात पार्टी की रंगीनियों के बीच एक नौजवान खूबसूरत लड़की मारी गई। पेशे से मॉडल जेसिका लाल एक सोशल पार्टी में सेलेब्रिटी बारमेड के रूप में काम कर रही थीं, जब 30 अप्रैल, 1999 की रात गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। हरियाणा से कांग्रेस के सांसद विनोद शर्मा के बेटे सिद्धार्थ वशिष्ठ उर्फ मनु शर्मा की ओर अंगुली उठी। पहले मनु शर्मा को बरी कर दिया गया था, लेकिन मीडिया के दबाव के बाद अभियोजन ने एक बार फिर अपील की और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों पर फास्ट ट्रैक आधार पर मामले की सुनवाई शुरू हुई। 25 दिन चली सुनवाई के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया और मनु शर्मा को जेसिका लाल की हत्या का दोषी ठहराया। उसे 20 दिसंबर, 2006 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

प्रियदर्शिनी मट्टूः एक ख्वाब की मौत

priyadarshini mattooएक युवती कुछ बनना चाहती थी, वह भी अपने बूते। लेकिन यह ख्वाब, ख्वाब ही रह गया। 25 वर्षीय लॉ स्टूडेंट प्रियदर्शिनी की लाश 23 जनवरी, 1996 को नई दिल्ली स्थित मकान से मिली थी। 17 अक्टूबर, 2006 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने संतोष कुमार सिंह को बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराया और उसी साल 30 अक्टूबर को उसे सजा-ए-मौत सुनाई। 6 अक्टूबर, 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने यह सजा कम करते हुए उम्र कैद में बदल दी। हैरानी की बात यह है कि संतोष कुमार पुलिस इंस्पेक्टर जनरल का बेटा था, इसके बावजूद उसने कानून तार-तार कर दिया। संतोष को 1999 में एक अदालत ने बरी कर दिया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने यह फैसला पलटा। सामाजिक दबाव और मीडिया की सक्रियता की वजह से किसी फैसले में इस तरह के बड़े बदलाव का यह पहला मामला था।

नैना साहनीः तंदूर में जले रिश्ते

naina sahniएक रात ऐसी थी, जब रिश्ते आंच के हवाले कर दिए गए। नैना साहनी की हत्या हुई और उसकी लाश के टुकड़े तंदूर में जलाने की कोशिश की गई। इल्जाम लगा नैना के पति सुशील शर्मा पर, जो युवा कांग्रेस का नेता और विधायक था। 2 जुलाई, 1995 को यह घटना हुई थी और 18 साल बाद 8 अक्टूबर, 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सुशील शर्मा ने अपनी पत्नी नैना को समझाया था कि मतलूब करीम से उसकी दोस्ती उसे मंजूर नहीं है। मतलूब और नैना एक साथ पढ़े थे और कांग्रेस के लिए भी साथ काम कर रहे थे। सुशील को शक था कि दोनों के बीच अवैध संबंध है। एक दिन वह घर लौटा, तो वह फोन पर बात कर रही थी और गुस्से में सुशील ने नैना पर गोली चला दी। बाद में उसकी लाश्ा बगिया रेस्तरां ले गया और वहां रेस्तरां मैनेजर के साथ उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की।

नीतीश कटाराः खून से सनी लवस्टोरी

nitish kataraदिल्ली का एक नौजवान कारोबारी 24 साल की उम्र में बेमौत मारा गया। दागी नेता डी पी यादव के बेटे विकास यादव ने 17 फरवरी, 2002 को उसकी हत्या कर दी। नीतीश हाल में आईएमटी, गाजियाबाद से ग्रेजुएट हुआ था, जहां विकास की बहन भारती यादव से उसे मोहब्बत हो गई थी। निचली अदालत ने इसे ऑनर किलिंग का मामला माना, क्योंकि यादव परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। विकास और विशाल यादव को अदालत ने दोषी पाया और 30 मई, 2008 को उम्र कैद की सजा सुनाई। नीतीश और भारती एक कॉमन फ्रेंड की शादी में गए थे, जहां यादव का भाई विकास और एक चचेरा भाई मौजूद था। वहां से कटारा को यादव बंधु कार में ले गए। वह कभी नहीं लौटा। तीन दिन बाद हाइवे के पास से उसकी लाश मिली। उसकी हत्या हथौड़े से की गई थी और बाद में डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई।

नीरज ग्रोवरः जलन का अंजाम मौत

neeraj groverसिनर्जी एडलैब्स के टेलीविजन एग्जिक्यूटिव नीरज ग्रोवर की लाश मई 2008 में मिली और इस गुनाह के लिए अभिनेत्री मारिया सुसाईराज और उसके बॉयफ्रेंड लेफ्टिनेंट एम एल जीरोम मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया। बाद में मैथ्यू पर लापरवाही से हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश का मामला दर्ज हुआ। मारिया और मैथ्यू की सगाई होने वाली थी। नीरज टेलीविजन उद्योग में पैर जमाने के लिए मारिया की मदद कर रहा था। सुसाईराज ने एक बार मैथ्यू को बताया था कि ग्रोवर उसे पसंद करता है, हालांकि वह उसे नहीं चाहती। 6 मई, 2008 को ग्रोवर उससे मिलने गया और कभी नहीं लौटा। पुलिस से पूछताछ में पहले मारिया ने इधर-उधर के बयान दिए, लेकिन आखिरकार मान लिया कि ग्रोवर की हत्या उसकी मौजूदगी में हुई थी और उसे मैथ्यू ने मारा था।

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