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सबसे खतरनाक 499 गैंग, जिनसे थर्राता है पश्चिमी यूपी

Tue, 24 Mar 2015 11:40 AM IST
Updated Tue, 24 Mar 2015 11:40 AM IST
499 notorious criminal gangs active in west UP

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रहे ताबड़तोड़ अपराधों से निपटने में पूरा तंत्र बेबस सा नजर आ रहा है। सोमवार को मुजफ्फरनगर की अदालत में कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी की हत्या ने तो पुलिस के होश उड़ा दिए। बेखौफ बड़े गैंग बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देकर सुरक्षित निकल जा रहे हैं।



अत्याधुनिक हथियारों से लैस इन अपराधियों से पुलिस भी सीधे टकराने से बच रही है। यह हालात तब हैं जब एम 16 और ग्लॉक पिस्टल जैसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस पुलिस की स्वाट टीमें बनाई गई हैं। एसटीएफ भी काम कर रही है जो एके-47, इंसास जैसी एसाल्ट राइफलों से लैस है।


इन गिरोहों के निशाने पर व्यापारी तो हैं ही पुलिस भी इनके हमले से नहीं बच पा रही है। मेरठ, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर से लेकर बिजनौर तक अपहरण, लूट, डकैती और हत्या की घटनाएं लगातार हो रही हैं। पुलिस ने कुछ घटनाओं में मामूली कार्रवाई तो की लेकिन तमाम बड़े गैंगस्टर पकड़ से बाहर हैं। इन गिरोहों के आपसी वर्चस्व के संघर्ष में भी कई लोग मारे जा चुके हैं।

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सरेआम हुई वारदातें, फिर भी पुलिस लाचार

499 notorious criminal gangs active in west UP

रविवार को सहारनपुर में बीच बाजार तनिष्क के शो रूम में करीब 10 करोड़ के जेवरात लूट की घटना पूरे तंत्र के लिए सीधी चुनौती रही। इसके पहले बागपत में कुख्यात अमित भूरा के साथी देहरादून पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा ले गए।

इतना ही नहीं बदमाश पुलिस वालों के एके 47 जैसे हथियार भी लूट ले गए। मुजफ्फरनगर में 10 अक्टूबर को अनिल दुजाना गैंग ने बंदी वाहन पर एके 47 से धुआंधार फायरिंग कर दी। इसमें सिपाही नरेंद्र की मौत हो गई, जबकि सिपाही गजेंद्र सिंह और दरोगा उधम सिंह घायल हो गए।

हालात यहां तक खराब हैं कि मेरठ के संप्रेक्षण गृह में बंद उपद्रवियों बच्चों ने एक सिपाही को मार डाला। इसके पहले मेरठ में ही एक बदमाश ने गश्त पर निकले सिपाही की हत्या कर दी।

इनके आगे कांपता है वेस्ट यूपी

499 notorious criminal gangs active in west UP

कुछ दिन बाद ही मंसूरपुर थाने के सामने सीओ खतौली और एसओ पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। फिर 12 दिसंबर को जेल के प्रधान बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की हत्या कर दी गई। बिजनौर से फरार सिमी के आतंकी भी अभी पकड़ से बाहर हैं।

करीब चार माह पहले राज्य सरकार ने पश्चिमी यूपी के बड़े गिरोहों से निपटने की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंपी, लेकिन एसटीएफ के हाथ भी अभी खाली हैं। यहां तक कि बागपत मे पुलिस वालों से एके 47 छीनकर भागे बदमाश से हथियार वापसी के लिए सौदेबाजी की गई।

कुख्यात अमित खट्टा के बारे में यह चर्चा आम है कि उसे कुछ पुलिस वाले ही बचा रहे हैं। कई बार सामना होने पर भी मुठभेड़ हो जाने के डर से उसकी अनदेखी कर दी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 499 गैंग रजिस्टर्ड हैं, लेकिन कुछ गैंग ऐसे हैं जो लगातार सनसनीखेज अपराध कर रहे हैं।

07- अंतरराज्यी गिरोह हैं मेरठ जोन में
01- अंतर क्षेत्रीय गिरोह
37- अंतर जिला गिरोह  

प्रमुख गैंग और इनके अपराध का क्षेत्र:
मुकीम काला (सहारनपुर, शामली)
राहुल खट्टा (बागपत, मुजफ्फरनगर)
प्रमोद कुमार (बागपत)
सुंदर भाटी (नोएडा, बुलंदशहर, गाजियाबाद)
अनिल दुजाना (नोएडा, बुलंदशहर, गाजियाबाद)
योगेश भदौड़ा (मेरठ, बागपत, बुलंदशहर)
उधम सिंह (मेरठ, बागपत)
मिर्ची गैंग (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)
किरठल गैंग (मेरठ, बागपत)

गैंगों में गठजोड़ और वर्चस्व की लड़ाई

499 notorious criminal gangs active in west UP

मेरठ और बागपत में योगेश भदौड़ा गैंग से ज्ञानेंद्र ढाका, कपिल बसी, सहदेव और देवेंद्र, जबकि ऊधम गैंग से अनुज प्रमुख का जुड़ाव माना जाता है। ऊधम से अदावत के बाद परमवीर तुगाना ने धमेंद्र किरठल से हाथ मिला लिया था।

अकेले मेरठ और बागपत में 15 ऐसे शॉर्प शूटर हैं, जो ऊधम और भदौड़ा गैंग के लिए काम करते हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो बागपत का ही एक बड़ा बदमाश शार्प शूटर भी है, जिसे केवल मेरठ में सुपारी पर हत्या करने के लिए बुलाया जाता है।

आईजी जोन मेरठ आलोक शर्मा ने बताया कि रजिस्टर्ड गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी जिलों के कप्तानों को आदेश दिया गया है। अनिल दुजाना और सुंदर भाटी गैंग के अधिकांश बदमाश जेल में बंद हैं। मुकीम काला, राहुल खट्टा और प्रमोद गैंग बाहर है।

इन गैंगों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग जिले के कप्तानों को टास्क दिया गया है। हालांकि हर बार वारदात में नया गैंग सामने आता है, जो बदमाशों को पकड़ने में कठिनाई पैदा करता है।

सनसनीखेज बड़ी वारदातें

499 notorious criminal gangs active in west UP

- 16 फरवरी 2015: मुजफ्फरनगर स्थित कोर्ट में विक्की त्यागी को गोलियां से भून दिया गया।
- 15 फरवरी 2015:
सहारनपुर में तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में वर्दीधारी बदमाशों ने 10 करोड़ की डकैती डाली।
- 9 फरवरी 2015: मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में लावड़ मार्ग पर पशु व्यापारियों से 16.50 लाख की लूट।
- 24 जनवरी 2015: भावनपुर के शाहकुलीपुर में बिजलीघर पर धावा बोलकर करीब 50 लाख का माल लूटा गया।
- 11 जनवरी 2015: मोदीपुरम से बैंक कैश वैन लटी गई, वारदात में फारच्यूनर कार का इस्तेमाल हुआ और राहुल खट्टा गैंग शामिल रहा।
- 4 जनवरी 2015: सहारनपुर में कोर्ट रोड पर राघव ज्वेलर्स के यहां बॉबी गैंग ने एक करोड़ से ज्यादा की डकैती डाली।

- 15 दिसंबर 2014: बागपत में पुलिस पर हमला कर एके 47 और एसएलआर लूटकर अमित भूरा पुलिस कस्टडी से फरार हुआ।
- 13 दिसंबर 2014: देवबंद में व्यापारी सुरेंद्र गर्ग की हत्या करके 50 लाख से ज्यादा का माल लूट लिया गया था।
- 22 सितंबर 2014: मोगिम गैंग ने सर्राफ फाकिर अंसारी के यहां दिन दहाड़े 50 लाख से ज्यादा का माल लूट लिया था।
- 5 सितंबर 2014: मेरठ कचहरी में गैंगवार के चलते नितिन उर्फ गंजा की गोलियां बरसाकर हत्या की गई।
- 16 अगस्त 2014: शामली जिले के कैराना में रंगदारी न देने पर मुकीम काला गैंग ने दो व्यापारियों की हत्या कर दी थी।
- 23 नवंबर 2014: धौलाना, गाजियाबाद से राहुल खट्टा ने ईंट भट्ठा व्यवसायी नवीन कंसल का अपहरण किया।

- 12 सितंबर 2014: बिजनौर के मोहल्ला जाटान में बम बनाते समय ब्लास्ट हुआ, छह सिमी आतंकी फरार ।
- 5 दिसंबर 2014: मेरठ कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में राहुल खट्टा गैंग के बदमाशों ने शराब कंपनी के कर्मियों से 13.80 लाख की लूट की।
- 12 दिसंबर 2014: मुजफ्फरनगर में जेल गेट पर विक्की त्यागी गैंग ने प्रधान बंदी रक्षक चुन्नीलाल की गोली मारकर हत्या कर दी।
- 13 मई 2014: मेरठ मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित जागृति विहार में सहकारी बैंक में 26.22 लाख की डकैती।
- 8 नवंबर 2014: बागपत के एक लाख के इनामी बदमाश प्रमोद ने दोघट में सरेबाजार  गोलियों से भूनकर सुधीर की हत्या कर दी।

- 8 अगस्त 2014: बागपत के ईंट भट्ठा व्यवसायी प्रवीण मित्तल का पांच करोड़ की फिरौती के लिए राहुल खट्टा ने अपहरण किया।
- 18 अगस्त 2014: बागपत के एक लाख के इनामी बदमाश प्रमोद ने विपक्षी पप्पू की पुलिस कस्टडी में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। 

अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण भी

499 notorious criminal gangs active in west UP

बड़े गैंगों पर नकेल कसने में खाकी की नाकामी के पीछे कई बार खादी का हाथ होने की बात भी सामने आई। यह बात और है कि दबदबे के कारण किसी राजनेता का नाम साफ तौर पर सामने नहीं आया। राहुल खट्टा को पश्चिम के अलग-अलग जिलों में राजनैतिक संरक्षण की चर्चा सामने आती रहती है।

बागपत में एके-47 लूट के मामले में दिल्ली के एक राजनेता से जुड़ाव सामने आया। इससे पहले सुंदर भाटी के राजनैतिक गलियारों में अच्छे संबंध रहे हैं। विक्की त्यागी की पत्नी के एक बार राजनैतिक दल में शामिल होने की चर्चा चली लेकिन लगातार आपराधिक मामलों ने इस पर ब्रेक लगा दिया।

तब भी यह कहा गया कि प्रदेश के कद्दावर नेता से संपर्क के कारण उसे पार्टी में शामिल करना था। विक्की त्यागी ब्लॉक प्रमुख रहा तो उधम सिंह की मां नगर पंचायत चेयरमैन रही।

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