अदालत का अजब फैसलाः 4 साल के बच्चे को सुनाई उम्रकैद की सजा
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अदालत भी कई दफा ऐसे फैसले दे देती है जो कि आम इंसान को सोचने के लिए मजबूर कर देती है और अदालत के फैसलों से कई बार बेगुनाह इंसान को भी सजा हो जाती है।
कुछ ऐसा ही मामला सामने आया जिसमें अदालत ने अपने गलत फैसले में एक चार साल के बच्चे को उम्रकैद की सजा सुना दी। यह अजब मामला मिश्र का है।
जहां कोर्ट ने हत्या के एक मामले में महज चार साल के बच्चे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि जिस वक्त मर्डर हुआ उस वक्त बच्चे की उम्र केवल एक साल थी। सजा सुनाए जाने के दौरान बच्चा अदालत में नहीं था।
आखिर कैसे हुई 4 साल के बच्चे को उम्रकैद की सजा
मामला मिश्र का है। जहां पश्चिम काहिरा स्थित कोर्ट ने चार साल के बच्चे अहमद मंसूर करमी को हत्या के जुर्म में उम्र कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने उसे हत्या, प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना और पुलिस को धमकी देने के आरोप में दोषी ठहराया।
हालांकि सजा सुनाने के दौरान अहमद मंसूर करमी अदालत में मौजूद नहीं था। अदालत ने अहमद मंसूर करमी समेत 115 लोगों को वर्ष 2014 के एक मामले में सजा सुनाई।
अहमद मंसूर के वकील के मुताबिक बच्चे का नाम सजा पाने वाले लोगों की सूची में गलती से शामिल हो गया था। वहीं उन्होंने बताया कि अदालत में जज के सामने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पेश नहीं किया जा सका जिससे यह साबित हो कि उसका जन्म 2012 में हुआ है।
बताया गया कि सुरक्षा बलों ने गलती से बच्चे का नाम आरोपियों की सूची में शामिल किया तो सुरक्षा बलों को इस बात की जानकारी के साथ उसका जन्म प्रमाण पत्र भी दिया गया। लेकिन तब तक यह मामला सेना कोर्ट में पहुंच चुका था और चार साल के बच्चे अहमद मंसूर करमी को सजा दे दी गई।