बेटी से कर रहे थे छेड़छाड़, विरोध किया तो मार डाला
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बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर डॉक्टर की सोमवार को तीन भाइयों ने हत्या कर दी। वो अपनी क्लीनिक को बंद करके घर लौट रहे थे।
तभी गंगानगर में ग्लोबल सिटी के सामने उन पर हमला हुआ। इंचौली क्षेत्र के गंगानगर एम ब्लाक निवासी डॉ. इंद्रेश पराशर (42) पुत्र सुखवीर सिंह का परीक्षित गढ़ में आई सेंटर नाम से क्लीनिक है।
गंगानगर में ही उनके पड़ोस में रहने वाले अश्वनी शर्मा के तीनों बेटे नीशू, राहुल और मोनू उनकी बेटी को एक सप्ताह से परेशान कर रहे थे।
सोमवार सुबह ही डॉ. इंद्रेश ने उनके घर पहुंचकर शिकायत की थी। तभी आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
तीन युवकों ने किया रॉड से हमला
सोमवार रात करीब 8 बजे जब वो अपनी क्लीनिक बंद करके घर लौट रहे थे, तभी उन पर तीनों युवकों ने हमला कर दिया।
जान बचाने के लिए वह एक जिम में घुसे। आरोपियों ने जिम में घुसकर डाक्टर पर रॉड से हमला कर दिया।
जिम में कसरत कर रहे अन्य युवकों को भी आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए।
आधा घंटे बाद गंगानगर चौकी की पुलिस ने जिम से डॉक्टर को मवाना रोड स्थित सूर्या नर्सिंग होम ले गए, यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
हत्या की सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि आरोपी एक सप्ताह से बेटी से उनकी बेटी से छेड़छाड़ कर रहे थे।
डॉक्टर की पत्नी नीलम शर्मा, बेटा निखिल और दूसरी बेटी भी रोते हुए अस्पताल पहुंचे।
एसओ इंचौली हंसराज भदौरिया ने बताया कि डॉक्टर की हत्या बेटी से छेड़छाड़ के विरोध में हुई है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घर से नीशू और उसके पिता अश्वनी शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
घर में ही जिस्म फरोशी भी कराते हैं आरोपी
आरोपियों ने तीन महीने पहले ही यहां आकर किराये पर रहना शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी घर में ही जिस्म फरोशी भी कराते थे।
आने जाने वाली युवतियां से छेड़छाड़ करना उनका शौक था और विरोध करने पर मारपीट भी कर देते थे। डर के कारण लोग उनके खिलाफ शिकायत भी नहीं करते थे।
पुलिस ने कालोनी के लोगों ने उनके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि दो सप्ताह पहले ही एक छात्रा से सरेआम छेड़छाड़ की थी, विरोध करने पर छात्रा के भाई को भी पीटा था।
हालांकि इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
जान पहचान वालों ने भी नहीं की मदद
जिस जिम में वारदात हुई, डॉक्टर उसमें रोजाना कसरत करने जाते थे।
आरोपियों ने जब हमला किया तो डॉक्टर इसी इरादे से जिम में घुसे कि शायद उन्हें कोई बचा लेगा।
पुलिस ने जिम संचालक और अन्य लोगों से भी पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि आरोपी पहले से ही घात लगाए बैठे थे।