ससुर ने हाथ पकड़े और पति ने भाइयों के साथ मिलकर किया बीवी का गैंगरेप
क्या कोई शख्स इतना भी गिर सकता है कि अपनी ही बीवी को अगवा कराकर अपने ही भाईयों और दोस्त से उसका रेप करवाए? क्या कोई ससुर अपनी ही बहू के गैंगरेप में शामिल हो सकता है? क्या कोई देवर अपनी ही भाभी की इज्जत तार-तार कर सकता है? ये सवाल है सभ्य इंसानी दिमाग पर कुठाराघात करते हैं। लेकिन ऐसी घिनौनी वारदात को मध्यप्रदेश में अंजाम दिया गया है।
पति, देवर, दोस्त और ससुर ने उस महिला की आबरू को लूटा और उसकी जिंदगी में वहशत की वो इबारत लिख दी कि वो कभी भुला न पाएगी। सामाज और सभ्यता को शर्मसार करने का ये मामला एमपी के देवास का है। आरोप है कि घरेलू हिंसा के मुकदमे का सामना कर रहे पति ने अपने भाईयों, दोस्तों और पिता के साथ मिलकर अपनी है बीवी का सामूहिक बलात्कार किया।
महिला के साथ कुल चार लोगों ने दरिंदगी को अंजाम दिया। मामला तब उजागर हुआ जब महिला देवास में नंदन कानन होटल के पास सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिली। महिला को एक बोरे में बांधकर सड़क पर फेंक दिया गया था। लोगों ने उसे देखा तो फौरन पुलिस को इत्तला दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बेहोश महिला को बरामद किया और उसे अस्पताल पहुंचाया।
उसके साथ गैंगरेप किया और बोरे में भरकर फेंक दिया
होश में आने के बाद 28 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह उज्जैन की रहने वाली है और अश्ता में रहने वाले पप्पू जैसवाल के साथ उसकी शादी हुई थी।
उसने बताया कि ससुराल वालों के खिलाफ सिहोर में घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया है इसलिए बीती 25 जनवरी को सुनवाई के लिए आई थी। और जब वह वापस जा रही थी तभी पति ने भाईयों के साथ मिलकर उसे अगवा कर लिया गया।
अगवा करने के बाद उसे जमकर पीटा गया जिससे वो बेहोशी की हालत में पहुंच गई। और जब उसे होश आया तो खुद को एक अंधेरे कमरे में पाया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति, दो देवरों और पति के एक दोस्त ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जबकि ससुर ने उसके हाथ पकड़कर उसे बंदी बना रखा था। पुलिस ने कुल आठ आरोपियों के खिलाफ अपहरण और रेप का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।