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आरुषि केसः इन 26 फंदों से तलवार पर कसा शिकंजा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 27 Nov 2013 01:45 PM IST
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यह सही है कि आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सीबीआई ने कोई सीधा सबूत नहीं दिया, लेकिन परिस्थितिजन्य ऐसी बातें को सामने रखा, जिन्होंने राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर को सजा तक पहुंचा दिया।
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जस्टिस एस लाल ने 210 पन्नों का ऑर्डर दिया है, जिसमें उन 26 आधारों को सामने रखा, जिनकी बिनाह पर तलवार दंपति को दोषी ठहराया गया। इन 26 बातों पर डालिए एक नजरः
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1. 15-16 मई, 2008 की रात दोनों आरोपी, मारे गए लोगों के साथ देखे गए थे। राजेश तलवार के ड्राइवर उमेश शर्मा ने रात करीब साढ़े 9 बजे जलवायु विहार के फ्लैट नंबर एल-32 में देखा था।
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2. 16 मई, 2008 को सवेरे छह बजे आरुषि का शव उनके बेडरूम में देखा गया। यह कमरा आरोपियों के कमरे से सटा हुआ था और बीच में केवल एक दीवार थी।
3. हेमराज का शव 17 मई, 2008 को इसी फ्लैट की छत पर पाया गया था और टेरेस का दरवाजा अंदर से लॉक पाया गया।
4. आरोपियों और पीड़ित जब साथ दिखे और जब उनकी हत्या हुई, इन दोनों समय के बीच ज्यादा फासला नहीं था। आरुषि और हेमराज की हत्या 15 और 16 मई, 2008 की दरम्यानी रात में हुई। ऐसे में यह बात मुमकिन नहीं कि आरोपियों के अलावा ये हत्याएं किसी और ने की हों।
5. आरुषि के बेडरूम के दरवाजे में ऑटोमेटिक क्लिक शट लॉक लगा था। बयान यह दिया गया था राजेश रात साढ़े 11 बजे आरुषि का दरवाजा बाहर से लॉक कर सोने गए थे। दोनों आरोपियों ने यह बात स्वीकार की कि उसे बिना चाबी के बाहर से नहीं खोला जा सकता, जबकि भीतर से वह ओपन हो सकता है। इस बारे में कोई सफाई नहीं दी गई आरुषि का कमरा किसने और कैसे खोला?
6. घटना की रात इंटरनेट चालू रहा, जिसका यह मतलब है कि दोनों में से एक आरोपी रात भर जगा हुआ था।
7. ऐसा कोई सबूत नहीं, जिससे यह साफ हो कि रात साढ़े नौ बजे के बाद कोई बाहरी शख्स भी तलवार परिवार के घर आया था।
8. उस रात बिजली नहीं गई थी, ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि किसी बाहरी व्यक्ति की आमद का अंदाजा नहीं हुआ।
9. उस रात कोई भी व्यक्ति संदिग्ध हालात में इस फ्लैट के आसपास घूमता नहीं देखा गया था।
10. घटनास्थल की रात किसी भी बाहरी व्यक्ति के जबरन घर में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं।
11. फ्लैट में किसी भी तरह की चोरी की कोई बात नहीं पता चली।
12. 16 मई, 2008 की सवेरे जब नौकरानी साफ-सफाई के लिए फ्लैट पहुंची, तो नूपुर तलवार ने झूठ बोला कि शायद हेमराज ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया होगा। जबकि हकीकत यह थी कि वह बाहर से बंद नहीं था।
13. नौकरानी भारती मंडल ने यह कभी नहीं बताया कि जब वह फ्लैट के भीतर पहुंची, तो दोनों आरोपियों में से कोई भी रो रहा था।
14. भारती मंडल के बयान से यह साफ होता है कि जब वह वहां पहुंची, तो नूपुर तलवार ने उस वक्त बेटी के कत्ल का कोई जिक्र नहीं किया और कहा कि शायद हेमराज मदर डेयरी से दूध लेने गया होगा और बाहर से दरवाजा लगा गया है।
15. दोनों आरोपियों के कपड़ों पर खून का कोई धब्बा नहीं पाया गया। यह बड़ी अजीब बात है कि अपनी बेटी को मरा हुआ देखकर उसके माता-पिता ने उसे गले से नहीं लगाया या पकड़ा नहीं।
16. कोई भी बाहरी व्यक्ति जख्मी हालत में हेमराज को टेरेस नहीं ले जा सकता और न ही वहां जाकर टेरेस के दरवाजे पर ताला लगाने की हिम्मत कर सकता है।
17. यह संभव नहीं कि कोई बाहरी व्यक्ति हत्याएं करने के बाद यह जानते हुए वहां स्कॉच व्हिस्की पिए कि मारी गई आरुषि के माता-पिता बराबर वाले कमरे में सोए हैं। ऐसे हालात में उसके लिए सबसे पहला काम वहां से भागना होगा।
18. कोई भी व्यक्ति हेमराज का शव टेरेस पर ले जाने के बारे में नहीं सोचेगा। वैसे भी कोई अकेला शख्स इस शव को ऊपर नहीं ले जा सकता था।
19. टेरेस का दरवाजा घटना से पहले बंद नहीं किया गया था, लेकिन 16 मई, 2008 को सवेरे इस दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने जब इसकी चाबी मांगी, तो भी आरोपी ने नहीं दी।
20. आरोपी ने खुद बताया कि घटना से कुछ दिन पहले से हेमराज टेरेस के दरवाजे की चाबी अपने पास रखने लगा था और यह उसी के पास रहती थी। और अगर ऐसा है कि किसी बाहरी व्यक्ति के लिए यह पता लगाना आसान नहीं कि चाबी उसके पास है।
21. अगर कोई बाहरी टेरेस का दरवाजा बंद करने के बाद यह गुनाह करता और फ्लैट से गया होता, तो सबसे बाहर या बीच का मेश डोर बाहर से ही बंद पाया जाता।
22. अपराध करने का मकसद साबित हो चुका है।
23. यह संभव नहीं कि हत्याएं करने के बाद किसी बाहरी ने घटनास्थल की साफ-सफाई की हो।
24. गोल्फ क्लब नंबर 5 गुनाह करने के बाद फेंक दिया गया था और कई महीनों बाद आरोपी राजेश तलवार ने इसे सामने रखा।
25. मारे गए दोनों लोगों के सिर और गर्दन पर जो चोटें आई हैं, वे एक जैसी दिखती हैं। और ये जख्म संभवतः गोल्फ क्लब और स्केलपल से किए गए हों।
26. आरोपी राजेश तलवार गोल्फ क्लब नोएडा के सदस्य थे और सीबीआई के सामने उन्होंने गोल्फ क्लब रखा। इसे अलावा स्केलपल डेंटिस्ट इस्तेमाल करते हैं और दोनों आरोपी प्रोफेशन से डेंटिस्ट थे।