छेड़छाड़ से आहत छात्रा ने किया आत्मदाह, भीषण बवाल
यूपी में हमीरपुर जिले के बिंवार में शोहदों की छेड़छाड़ और विरोध करने पर सरे बाजार पीटे जाने से आहत 12वीं की छात्रा ने शनिवार को घर पर आग लगाकर जान दे दी। घटना के बाद कस्बे में भारी बवाल हो गया।
आक्रोशित ग्रामीणों और परिवारीजनों ने जाम लगा पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया तो पुलिस ने लाठी पटककर जाम खुलवाने का प्रयास किया। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। पुलिस की गाड़ियां पलट दीं और आग लगाकर पथराव किया।
जवाब में पुलिस ने भी ताबड़तोड़ लाठियां भांजी और फायरिंग कर दी। पुलिस की फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी है, जिनमें से एक की मौत हो गई। दो अन्य घायलों की हालत भी गंभीर है। देर रात पुलिस ने मृतका के माता पिता और अन्य परिवारीजनों पर भी लाठीचार्ज कर उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया था।
अस्पताल में छात्रा की हुई मौत
मुस्करा थानाक्षेत्र के पहाड़ी-भिटारी गांव निवासी राजकुमार खरे करीब दस वर्षों से परिवार के साथ बिंवार कस्बे में रहते हैं। राजकुमार ने बताया कि उसकी पुत्री स्वीकृति (17) भस्मानंद इंटर कालेज निवादा में पढ़ती थी।
शनिवार सुबह 6 बजे वह कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में गांव के ही जितेंद्र यादव पुत्र करन यादव ने उसे रोक लिया और छेड़खानी करने लगा। स्वीकृतिने विरोध किया तो आरोपी ने सरेआम उसे लात घूसों से पीटा। आसपास के लोग दौड़े तो आरोपी मौके से भाग निकला।
महिला भूरी पत्नी मुमताज ने छात्रा को बचाया उसे घर भिजवाया। घर पहुंचने पर छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई। राजकुमार ने बताया कि वह अपने भाई शिवकुमार के साथ आरोपी युवक को खोजने निकले थे तभी बेटी ने घर की छत पर आग लगा ली। 90 फीसदी झुलसी छात्रा को मौदहा सीएचसी से जिला अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस की जीप को लगाई आग, बवाल
विरोध में लोगों ने हमीरपुर-राठ मार्ग पर जाम लगा दिया। शाम को छात्रा का शव मिलने के बाद लोगों का आक्रोश फिर भड़क गया। लोग बारिश के बावजूद जाम लगाए थे। समझाने पर लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठी पटककर खदेड़ना चाहा।
इस पर लोगों का आक्रोश और भड़क गया। भीड़ ने ललपुरा थाने की जीप, पुलिस लाइन का क्यूआरटी ट्रक और एक बाइक को पलटाकर आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही पथराव कर एसडीएम और सीओ की गाड़ियों समेत तीन अन्य वाहनों को तोड़ डाला। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी।
गोली लगने से कस्बे का रोहित पांडेय (25) पुत्र राकेश पांडेय, कल्लू मुर्गावाला (40) और जयकरन सिंह (50) पुत्र रामाधीन गंभीर रूप से घायल हो गए। रोहित पांडेय के सिर पर गोली लगी थी। उसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। जोरदार बारिश और रात के अंधेरे के बावजूद आक्रोशित लोग चारों तरफ खड़े होकर घटनास्थल पर डटे रहे।
नीली, लाल बत्ती की गाड़ी आते देख हमलावर हो जाते। देर रात पुलिस ने शव को सड़क पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजनों पर भी लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की पिटाई से मृतका के माता पिता भी घायल हो गए। देर रात पुलिस उन्हें उठाकर अपनी कस्टडी में कहीं ले गई है।
वारदात से हिल उठा जिला, कॉलेज में सन्नाटा
छात्रा की मौत की जानकारी मिलने ही भष्मानंद इंटर कालेज निवादा में सन्नाटा पसर गया। विद्यालय में शोकसभा का आयोजन कर मृत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। प्रधानाचार्य रणविजय सिंह गौर कहते हैं कि यह छात्रा बेहद होनहार थी।
11वीं में उसने कालेज टॉप किया था। उसे कॉलेज मेंहुए कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था। बताया मप्र के टीकमगढ़ के पलेरा स्थित राजकीय हायर सेकेंड्री विद्यालय से उसने हाईस्कूल की परीक्षा में 78 प्रतिशत अंक पाए थे। वह कहा करती थी कि आगे चलकर डॉक्टर बनूंगी।
बिवांर कस्बे में छेड़खानी के मामले में छात्रा द्वारा खुदकुशी कर लेने की घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया है। ग्रामीण इस घटना को लेकर बेहद आक्रोशित हैं। वह तुरंत कार्रवाई चाह रहे हैं उन्हें इस बात का डर है कि सत्तादल के नेताओं से आरोपियों की नजदीकियों से कार्रवाई नहीं होगी। यही कारण है कि नाराज लोगों ने शाम करीब 6 बजे शव आने पर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर फिर जाम लगा दिया।
पुलिस कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश
कस्बे में मुस्करा थानाक्षेत्र के पहाड़ी-भिटारी गांव निवासी राजकुमार खरे बीते दस वर्ष से परिवार के साथ रहते हैं। वह कस्बे में बस स्टैंड पर पेटी डीजल की दुकान का मुनीम है। प्राइवेट नौकरी के जरिए परिवार का भरण पोषण कर बच्चों को अच्छी शिक्षा दीक्षा दिला रहा है। बड़ी बेटी स्वीकृति की मौत से कस्बे में मातम का माहौल है।
हर कोई इसी बात की चर्चा कर रहा है। लोगों का गुस्सा इस बात पर ज्यादा है कि बीते एक हफ्ते पूर्व आरोपी भूरा ने गांव में ही जुगुल सोनी के एक घर में घुसकर घर की महिलाओं को डरा धमकाकर लूटपाट की थी। शिकायत के बावजूद पुलिस ने सत्तादल के नेताओं के दबाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं की। इसी से उनके हौसले बुलंद हो गए और आज इस घटना को आरोपियों ने अंजाम दे डाला।
शनिवार की शाम करीब 6 बजे जैसे ही स्वीकृति का शव पोस्टमार्टम के बाद वापस लाया गया। तभी आक्रोशित हजारों लोग थाने की तरफ तिराहे पर पहुंच गए और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर शव रख फिर से जाम लगा दिया। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रकाश वर्मा मौके पर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।