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10 महिलाओं को ट्रेन से खींचकर रेप, पुलिस मानने को नहीं तैयार

Wed, 24 Feb 2016 10:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 24 Feb 2016 10:18 PM IST
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10 women passengers dragged out of train and raped near Haryana

जाट आंदोलन की आड़ में दस महिलाओं के साथ बलात्कार की खबर है। डेक्कन हेराल्ड की खबर के मुताबिक महिलाओं को ट्रेन से खींचकर खेतों में उनके साथ दुष्कर्म किया गया। हालांकि पुलिस इस बात से इत्तेफाक नहीं रख रही है। लेकिन चश्मदीदों ने इस बात की पुष्टि की है।

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अंग्रेजी साइट की खबर के मुताबिक वारदात को मुरथल और हरियाणा से गुजरने वाले राजमार्ग से सटे खेतों में अंजाम दिया गया। इन इलाकों में जाट आरक्षण को लेकर आंदोकारी उग्र है, इसलिए बहुत संभावना है कि आरोपियों ने जाट आंदोलन की आड़ में इस घिनौनी करतूत को अंजाम दिया।
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पुलिस वारदात की बात को सिरे से खारिज कर रही है। लेकिन चश्मदीदों के मुताबिक वारदात कोई कोरी कल्पना नहीं बल्कि हकीकत है।

कुछ चश्मदीद चौकाने वाला खुलासा कर रहे हैं कि पुलिस के कुछ आला अधिकारियों ने पीड़ित महिलाओं के पास जाकर उनसे उनके साथ हुई हैवानियत के बारे में किसी को भी कुछ नहीं बताने का अनुरोध किया है।

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'पुलिस ने की वारदात को अफवाह में बदलने की कोशिश'

10 women passengers dragged out of train and raped near Haryana

डेली की खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने वारदात को महज अफवाह करार दिए जाने के लिए भरसक प्रयास किया, ताकि लोग इस पर ध्यान न दे सकें।

एक चश्मदीद ने मीडिया को बताया कि दुष्कर्म का शिकार हुई तीन महिलाओं को अमरीक नामक ढाबे पर लाया गया। पुलिस के कुछ अधिकारी भी वहां पहुंचे। पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेने के बजाय पीड़ित महिलाओं को उनके परिजनों को सौंप कर वहां से जाने को कह दिया।

मीडिया की खबरों के मुताबिक इन महिलाओं के साथ रेप किया गया और बदहावाश हालत में खेतों में छोड़ दिया गया। जानकारी लगते ही महिलाओं के रिश्तेदारों और घरवालों ने उन्हें वहां से बचाया और उनकी देखभाल का इंतजाम किया। हसनपुर और कुरद के कुछ निवासियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित महिलाओं के लिए कंबल और कपड़ों की पेशकश की।

चश्मदीदों से जब मीडिया ने इस वारदात के बारे में और जानकारियां जुटानी चाहीं तो पुलिस के भय से उन्होंने आगे ज्यादा कुछ बताने इन्कार कर दिया।

उनका कहना था कि जब पुलिस ही इस वारदात की जांच करने को तैयार नहीं है तो वे इसके बारे में बात करके जोखिम मोल ले सकते हैं।

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