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कैरिबियाई सुनामी ने निपटना श्रीलंका की चुनौती
कोलंबो/एजेंसी
Updated Sat, 06 Oct 2012 11:03 PM IST
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वेस्टइंडीज की टीम जब रविवार को ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में मेजबान श्रीलंका के खिलाफ उतरेगी तो उसकी निगाहें 30 साल के अपने खिताबी सूखे खत्म करने पर होंगी। 1983 में लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ आखिरी फाइनल खेलने के बाद पहली बार विंडीज किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा है।
शुक्रवार को दूसरे सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया पर धमाकेदार जीत के बाद कैरिबियाई खिलाड़ी आत्मविश्वास से लबरेज हैं। वहीं, श्रीलंकाई शेर भी 16 साल के बाद अपना दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जीतना चाहेंगे। श्रीलंका ने पहला वर्ल्ड कप खिताब 1996 में जीता था जबकि 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में उसे भारतीय टीम से शिकस्त मिली थी।
मेजबान श्रीलंका को प्रबल दावेदार माना जा रहा है क्योंकि न केवल उन्हें घरेलू माहौल का फायदा मिलेगा बल्कि महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान जैसे कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो परिस्थितियों के अनुरूप खेल का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।
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कुछ हद तक श्रीलंकाई बल्लेबाजी भी इन्हीं तीनों इर्द-गिर्द घूमती है, जो घातक साबित हो सकती है क्योंकि मध्यक्रम में एंजेलो मैथ्यूज, लाहिरू थिरिमाने और जीवन मेंडिस ने अभी तक अपने हाथ नहीं दिखाए हैं। हालांकि पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद श्रीलंकाई शेरों के भी हौसले बुलंद हैं। लेकिन उनके सामने कैरिबियाई सुनामी को पार पाने की भी चुनौती होगी।
उनके लिए कैरिबियाई गेंदबाज रवि रामपाल, कप्तान डेरेन सैमी, आंद्रे रसेल, सैम्युअल बद्री और सुनील नारायण के दुर्ग को भेदना आसान नहीं होगा। उनकी राह में सबसे बड़े रोड़े होंगे क्रिस गेल, जिन्होंने 41 गेंदों में छह छक्के और पांच छक्के से 75 रन की नाबाद पारी खेल आस्ट्रेलियाई गेंदबाजी को तहस-नहस कर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाकर कैरिबियाई क्रिकेट में नई जान फूंक दी है।
साथ ही विंडीज के पास मार्लोन सैमुअल्स, डवेन ब्रावो और किरोन पोलार्ड जैसे ट्वंटी-20 के ऐसे धाकड़ खिलाड़ी हैं, जो अकेले दम पर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाने की कुव्वत रखते हैं। लेकिन गेल एंड कंपनी की असली परीक्षा आज होगी, जब उन्हें श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना करना पड़ेगा, जिन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान जैसी टीम के लिए 140 रन के मामूली लक्ष्य को मुश्किल बना दिया। लसिथ मलिंगा श्रीलंका के अचूक अस्त्र होंगे।
जीतना है गेल से सस्ते में निपटो
‘श्रीलंका के खिताब जीतने के लिए गेल को 20 के अंदर आउट करना होगा। अगर गेल 20 के पार गए तो विंडीज को हराना मुश्किल है। गेल का रिकॉर्ड ही उनकी क्षमता को बयां करने के लिए काफी है।’
- जार्ज बेली, आस्ट्रेलियाई कप्तान
‘गेल उम्दा विंडीज टीम में दूसरे खिलाड़ियों की तरह हैं। हमारा ध्यान पूरी टीम पर है, किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी पर नहीं। हम पूरी टीम को काबू करने की कोशिश करेंगे।’
- महेला जयवर्धने
‘नाबाद लौटना अच्छा लगता है। कोशिश करूंगा कि श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भी नाबाद लौटूं।’
- क्रिस गेल
नंबर गेम
42 : की औसत से जयवर्धने छह मैचों में अब तक 210 रन बना चुके हैं।
54.75 : की औसत से गेल अब तक 219 रन ठोक चुके हैं।
- रन बनाने के मामले में गेल आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन के बाद दूसरे नंबर पर हैं
- गेल के नाम टूर्नामेंट में सर्वाधिक 16 छक्के मारने का रिकॉर्ड भी है
03 : दशक के बाद विंडीज टीम सीमित ओवर के वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है
04 : बार श्रीलंका सीमित ओवर के वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है
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शुक्रवार को दूसरे सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया पर धमाकेदार जीत के बाद कैरिबियाई खिलाड़ी आत्मविश्वास से लबरेज हैं। वहीं, श्रीलंकाई शेर भी 16 साल के बाद अपना दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जीतना चाहेंगे। श्रीलंका ने पहला वर्ल्ड कप खिताब 1996 में जीता था जबकि 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में उसे भारतीय टीम से शिकस्त मिली थी।
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मेजबान श्रीलंका को प्रबल दावेदार माना जा रहा है क्योंकि न केवल उन्हें घरेलू माहौल का फायदा मिलेगा बल्कि महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान जैसे कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो परिस्थितियों के अनुरूप खेल का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।
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कुछ हद तक श्रीलंकाई बल्लेबाजी भी इन्हीं तीनों इर्द-गिर्द घूमती है, जो घातक साबित हो सकती है क्योंकि मध्यक्रम में एंजेलो मैथ्यूज, लाहिरू थिरिमाने और जीवन मेंडिस ने अभी तक अपने हाथ नहीं दिखाए हैं। हालांकि पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद श्रीलंकाई शेरों के भी हौसले बुलंद हैं। लेकिन उनके सामने कैरिबियाई सुनामी को पार पाने की भी चुनौती होगी।
उनके लिए कैरिबियाई गेंदबाज रवि रामपाल, कप्तान डेरेन सैमी, आंद्रे रसेल, सैम्युअल बद्री और सुनील नारायण के दुर्ग को भेदना आसान नहीं होगा। उनकी राह में सबसे बड़े रोड़े होंगे क्रिस गेल, जिन्होंने 41 गेंदों में छह छक्के और पांच छक्के से 75 रन की नाबाद पारी खेल आस्ट्रेलियाई गेंदबाजी को तहस-नहस कर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाकर कैरिबियाई क्रिकेट में नई जान फूंक दी है।
साथ ही विंडीज के पास मार्लोन सैमुअल्स, डवेन ब्रावो और किरोन पोलार्ड जैसे ट्वंटी-20 के ऐसे धाकड़ खिलाड़ी हैं, जो अकेले दम पर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाने की कुव्वत रखते हैं। लेकिन गेल एंड कंपनी की असली परीक्षा आज होगी, जब उन्हें श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना करना पड़ेगा, जिन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान जैसी टीम के लिए 140 रन के मामूली लक्ष्य को मुश्किल बना दिया। लसिथ मलिंगा श्रीलंका के अचूक अस्त्र होंगे।
जीतना है गेल से सस्ते में निपटो
‘श्रीलंका के खिताब जीतने के लिए गेल को 20 के अंदर आउट करना होगा। अगर गेल 20 के पार गए तो विंडीज को हराना मुश्किल है। गेल का रिकॉर्ड ही उनकी क्षमता को बयां करने के लिए काफी है।’
- जार्ज बेली, आस्ट्रेलियाई कप्तान
‘गेल उम्दा विंडीज टीम में दूसरे खिलाड़ियों की तरह हैं। हमारा ध्यान पूरी टीम पर है, किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी पर नहीं। हम पूरी टीम को काबू करने की कोशिश करेंगे।’
- महेला जयवर्धने
‘नाबाद लौटना अच्छा लगता है। कोशिश करूंगा कि श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भी नाबाद लौटूं।’
- क्रिस गेल
नंबर गेम
42 : की औसत से जयवर्धने छह मैचों में अब तक 210 रन बना चुके हैं।
54.75 : की औसत से गेल अब तक 219 रन ठोक चुके हैं।
- रन बनाने के मामले में गेल आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन के बाद दूसरे नंबर पर हैं
- गेल के नाम टूर्नामेंट में सर्वाधिक 16 छक्के मारने का रिकॉर्ड भी है
03 : दशक के बाद विंडीज टीम सीमित ओवर के वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है
04 : बार श्रीलंका सीमित ओवर के वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है