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उस डांट और दुलार ने बदली विराट की जिंदगी
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Oct 2012 12:10 AM IST
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मैदान के चारों कोनों में स्ट्रोक बरसाते विराट कोहली को देख कोई भी कह सकता है कि उन्हें भगवान का वरदान प्राप्त है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब भारतीय टीम में स्थान बनाने के बाद ग्लैमर की चकाचौंध में भटक गए। उस वक्त उनके परिवार के अलावा एक शख्स ऐसा था, जिसकी डांट और दुलार ने एक नए विराट को जन्म दिया है। यह शख्स उनकी प्रतिभा को तराशने वाले कोच राजकुमार शर्मा हैं।
राजकुमार इस भटकाव से निकलने और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में बनाए गए अर्द्धशतक को उनकी इस विराट फार्म का टर्निंग प्वाइंट मानते हैं। राजकुमार की मानें तो विराट पर भगवान की विशेष कृपा है। उसकी सीखने की ललक और गजब की मेहनत करने का जज्बा उसे दूसरों से अलग खड़ा करता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के कुछ समय बाद विराट ने भारतीय टीम में स्थान बना लिया। इसके बाद उन्हें आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू में भी स्थान मिल गया।
यही वह समय था जब उन्होंने अपने शिष्य को भटकते हुए देखा। शायद यह ग्लैमर की चकाचौंध थी जो विराट को अपनी ओर खींच ले गई थी। इसने उनके खेल पर भी असर डाला। राजकुमार बताते हैं कि यहां उन्होंने विराट से बात की। यहां तक उन्हें फटकार भी लगाई साथ ही प्यार से समझाया भी। एक अच्छा छात्र होने के नाते विराट ने उनकी बातों पर गौर किया। आज वह पूरी तरह से खेल के प्रति फोकस है। भटकाव वाली चीजें से वह निकल गया है। टी-20 वर्ल्ड कप में बाहर होने के बाद उसकी आंखों में आए आंसू भी इसी का नतीजा हैं।
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रही बात वर्तमान फार्म की तो इसकी शुरुआत वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-4 से मिली सीरीज के तीसरे टेस्ट को मानते हैं। वह बताते हैं कि विराट काफी परेशान था। उससे स्कोर नहीं हो रहा था। उस वक्त उसने उनसे बात की। उन्होंने यही कहा कि खुद पर विश्वास रखो निराश होने की कोई जरूरत नहीं है।
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राजकुमार इस भटकाव से निकलने और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में बनाए गए अर्द्धशतक को उनकी इस विराट फार्म का टर्निंग प्वाइंट मानते हैं। राजकुमार की मानें तो विराट पर भगवान की विशेष कृपा है। उसकी सीखने की ललक और गजब की मेहनत करने का जज्बा उसे दूसरों से अलग खड़ा करता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के कुछ समय बाद विराट ने भारतीय टीम में स्थान बना लिया। इसके बाद उन्हें आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू में भी स्थान मिल गया।
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यही वह समय था जब उन्होंने अपने शिष्य को भटकते हुए देखा। शायद यह ग्लैमर की चकाचौंध थी जो विराट को अपनी ओर खींच ले गई थी। इसने उनके खेल पर भी असर डाला। राजकुमार बताते हैं कि यहां उन्होंने विराट से बात की। यहां तक उन्हें फटकार भी लगाई साथ ही प्यार से समझाया भी। एक अच्छा छात्र होने के नाते विराट ने उनकी बातों पर गौर किया। आज वह पूरी तरह से खेल के प्रति फोकस है। भटकाव वाली चीजें से वह निकल गया है। टी-20 वर्ल्ड कप में बाहर होने के बाद उसकी आंखों में आए आंसू भी इसी का नतीजा हैं।
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रही बात वर्तमान फार्म की तो इसकी शुरुआत वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-4 से मिली सीरीज के तीसरे टेस्ट को मानते हैं। वह बताते हैं कि विराट काफी परेशान था। उससे स्कोर नहीं हो रहा था। उस वक्त उसने उनसे बात की। उन्होंने यही कहा कि खुद पर विश्वास रखो निराश होने की कोई जरूरत नहीं है।