फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Cricket Archives ›   indian batsman strike rate decline

भारतीय बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट में गिरावट

Thu, 04 Oct 2012 04:18 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 04 Oct 2012 04:18 PM IST
विज्ञापन
indian batsman strike rate decline
टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 से भारत के बाहर होने के पीछे भारतीय बल्लेबाजों के धीमी गति से रन बनाने को बड़ा कारण माना जा रहा है। इसकी पुष्टि टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर भारतीय बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट में आई गिरावट से भी हो रही है।
विज्ञापन


भारत ने सुपर-8 में अपने ग्रुप में शामिल ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के समान चार अंक बनाए थे, लेकिन रन रेट खराब होने की वजह से वह पिछड़ गया। बल्लेबाजों ने यदि अपने पिछले रिकॉर्ड के अनुरूप भी स्ट्राइक रेट बनाए रखा होता तो संभवत: भारत को यह नौबत नहीं देखनी पड़ती।
विज्ञापन


ज्यादातर बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट गिरा
वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली, सुरेश रैना, युवराज सिंह और इरफान पठान उन बल्लेबाजों में शामिल रहे जिनका स्ट्राइक रेट अपने ओवरऑल स्ट्राइक रेट से कम रहा। भारत का पांच मैचों में से किसी में भी विशाल स्कोर खड़ा नहीं कर पाने का यह मुख्य कारण रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


केवल एक बार 160 के पार पहुंचा भारत
महेंद्र सिंह धोनी और आश्चर्यजनक रूप से रोहित शर्मा ने अपने स्ट्राइक रेट में मामूली सुधार किया। भारतीय टीम पांच मैचों में केवल एक बार 160 की रन संख्या पार कर पाई। उसने इंग्लैंड के खिलाफ चार विकेट पर 170 रन बनाए थे। केवल पाकिस्तान के खिलाफ टीम ने लक्ष्य का पीछा किया और उसने 17 ओवर में 129 रन बनाकर जीत दर्ज की थी।

कोहली का स्ट्राइक रेट भी गिरा
टूर्नामेंट के पांच मैचों में कोहली ने दो अर्धशतक जमाए और भारत की ओर से सर्वाधिक 185 रन बनाए लेकिन इन मुकाबलों में उनका स्ट्राइक रेट केवल 122.51 रहा। इससे कोहली के ओवरऑल स्ट्राइक रेट में लगभग पांच अंक की कमी आई। टूर्नामेंट से पहले जहां उनका स्ट्राइक रेट 134.29 था वह अब 129.32 रह गया है।

युवराज ने भी किया निराश
टी20 में बल्लेबाज के कौशल का आकलन स्ट्राइक रेट से भी किया जाता है। युवराज ने कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन लगभग 108 की स्ट्राइक रेट से रन बनाना उनकी काबिलियत के अनुरूप नहीं रहा। इससे 2007 के बाद पहली बार युवराज का ओवरऑल स्ट्राइक रेट 150 से नीचे गिर गया।

युवराज का चैंपियनशिप से पहले 150.25 स्ट्राइक रेट था जो अब 144.68 रह गया है। असल में प्रत्येक मैच के बाद उनके स्ट्राइक रेट में गिरावट आती रही जो इस बात का सबूत है कि कैंसर को मात देकर वापसी करने वाला यह बल्लेबाज अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाया।

नहीं दिखी सहवाग की विस्फोटक पारी
टीम इंडिया की सलामी जोड़ी सहवाग और गंभीर ने हर तरह से निराश किया। सहवाग को अपने विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन श्रीलंका में वह नाकाम रहे। सहवाग ने 112.50 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए जो उनके ओवरऑल स्ट्राइक रेट से काफी कम है। सहवाग ने 152.46 के स्ट्राइक रेट के साथ टूर्नामेंट में कदम रखा था जो अब घटकर 145.38 रह गया है।

गंभीर ने 111 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए जो उनके ओवरऑल स्ट्राइक रेट 121.36 से कम है। युवराज, सहवाग, गंभीर और इरफान पठान ऐसे बल्लेबाज भी रहे जिनके औसत में भी गिरावट आई है। रैना के औसत में थोड़ा इजाफा हुआ, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट भी गिरा है। रैना 126.43 की स्ट्राइक से रन बनाए, जिससे उनका स्ट्राइक रेट गिरकर 136.17 पर पहुंच गया।

पठान भी रहे पीछे
पठान के स्ट्राइक रेट में छह अंक की कमी आई है। टूर्नामेंट में लगभग 102 की स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले पठान ने दो मैच में बल्लेबाजी की। धोनी ने 127.45 की स्ट्राइक से रन बनाए जो उनके ओवरऑल स्ट्राइक रेट से अधिक है। टूर्नामेंट से पहले उनका स्ट्राइक रेट 109.51 था जो अब 111.07 हो गया है।


रोहित के स्ट्राइक रेट (126.96 से बढकर 127.48) में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। गेंदबाजी में युवराज, हरभजन सिंह, आर अश्विन और लक्ष्मीपति बालाजी ने अपने ओवरऑल औसत में सुधार किया, लेकिन पठान और जहीर खान इसमें भी नुकसान में रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed